परिजनों के अनुसार रिया एक मेधावी छात्रा थीं और पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर रहती थीं। उन्होंने इस वर्ष भी नीट परीक्षा दी थी और उन्हें अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में परीक्षा से जुड़ी परिस्थितियों और भविष्य को लेकर वह मानसिक दबाव में दिखाई दे रही थीं। हालांकि उन्होंने अपनी परेशानियों को खुलकर किसी के साथ साझा नहीं किया था।
मंगलवार सुबह जब रिया अपने कमरे से बाहर नहीं आईं तो परिजनों को चिंता हुई। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिवार के सदस्यों ने कमरे की स्थिति देखने का प्रयास किया। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से एक हस्तलिखित नोट भी मिला है, जिसमें रिया ने अपने माता-पिता के प्रति प्रेम व्यक्त करते हुए अपनी मृत्यु के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताया है। पुलिस नोट की सत्यता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कोण से पड़ताल की जाएगी।
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
रिया थापा अपने शैक्षणिक प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में जानी जाती थीं। उन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा में 96.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने विद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल किया था। उनकी इस उपलब्धि पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें सम्मानित भी किया था। शिक्षकों के अनुसार रिया शुरू से ही मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्रा थीं। उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रिया पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थीं। इससे वह अपने निजी खर्चों में परिवार का सहयोग करती थीं। पड़ोसियों के अनुसार वह अक्सर देर रात तक पढ़ाई करती थीं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत कर रही थीं। उनका व्यवहार विनम्र था और वह सभी के साथ सम्मानपूर्वक पेश आती थीं।
घटना के बाद चंद्रबनी क्षेत्र में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। रिया को जानने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी प्रतिभाशाली और संघर्षशील छात्रा इस तरह दुनिया छोड़ जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव एक गंभीर सामाजिक विषय है। परिवार, शिक्षकों और समाज को मिलकर ऐसा माहौल बनाने की आवश्यकता है, जहां छात्र अपनी चिंताओं और भावनाओं को खुलकर साझा कर सकें। सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल हर परिस्थिति में सबसे महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और बरामद नोट सहित अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। वहीं रिया की असामयिक मृत्यु ने एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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