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उत्तराखंड न्यूज़ऊधम सिंह नगरताज़ा ख़बरदेहरादून

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए खेतों तक पहुंचे तकनीक

देहरादून में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत कृषक सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और वैज्ञानिकों के साझा प्रयासों से उत्तराखंड को विकसित कृषि के पथ पर आगे ले जाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनुसंधान से प्राप्त तकनीकों को खेतों तक पहुंचाना आवश्यक है।

कृषक सम्मेलन

  • 1000 से अधिक उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए किसान सम्मेलन में शामिल हुए
  • किसानों को वैज्ञानिकों ने कृषि और बागवानी नई तकनीकों की जानकारी दी
  • पंतनगर विवि में विकसित उन्नत गेहूं, धान, जौ और मक्का की किस्में उत्पादकता बढ़ा रही हैं
  • हाल में विकसित जौ की नई किस्म की पर्वतीय क्षेत्रों में 20 फीसदी अधिक उत्पादकता दर्ज
  • ‘वन यूनिवर्सिटी – वन रिसर्च प्रोजेक्ट’ के तहत उत्तराखंड को विशेष फसलों के क्लस्टर से जोड़ रहे

पंतनगर विश्वविद्यालय ने कृषि में नवाचार आधारित तकनीक को बढ़ाया

कृषक सम्मेलन में कृषि मंत्री चौहान ने कहा “उत्तराखंड के पर्वतीय और तराई क्षेत्रों की भू-जलवायु विविधता कृषि वानिकी, औषधीय पौधों, फल उत्पादन और दुग्ध व्यवसाय के लिए अत्यधिक अनुकूल है।” उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के प्रयास जैसे नवाचार आधारित तकनीकों का विकास, कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रियता, कृषि ड्रोन प्रशिक्षण, सटीक कृषि तकनीक और उद्यानिकी उत्पादों का मूल्य संवर्धन राज्य की कृषि को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बहुत प्रभावी हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उन्नत गेहूं, धान, जौ और मक्का की किस्में उत्तराखंड के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ा रही हैं। हाल ही में विकसित एक नवीन जौ की किस्म ने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में 20 फीसदी अधिक उत्पादकता दिखाई है।

पंतनगर द्वारा स्थापित नौ कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीक प्रचार में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। हनी मिशन, मशरूम उत्पादन, सब्जियों की प्रोसेसिंग और एकीकृत खेती मॉडल्स के माध्यम से स्वरोजगार और किसान आय बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। विश्वविद्यालय की साझेदारी में ‘वन यूनिवर्सिटी – वन रिसर्च प्रोजेक्ट’ के तहत उत्तराखंड को विशेष फसलों के क्लस्टर से जोड़ने का कार्य जारी है।

किसानों को दी ये जानकारी

कृषक सम्मेलन में किसानों को जैविक खेती, उन्नत बीज, पोषक कृषि, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्रीकरण और मूल्य संवर्धन एवं विपणन की नवीनतम रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

उत्तराखंड में बागवानी विकास के लिए नवाचार

सेब, कीवी, स्ट्रॉबेरी, तेजपत्ता, टिमरू और औषधीय पौधों के क्षेत्र में वैज्ञानिक मार्गदर्शन और पौध वितरण कार्यक्रम
प्लांट टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला में उत्पादित उन्नत गुणवत्ता के पौधे किसानों तक पहुंचाए जा रहे
उद्यानिकी फसल आधारित प्रसंस्करण इकाइयां विकसित की जा रहीं
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कृषि मंत्री गणेश जोशी, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, कृषि वैज्ञानिक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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