श्री मंदिर समिति के अध्यक्ष रावल धर्मानन्द सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मुहूर्त के अनुसार गंगोत्री मंदिर के कपाट सुबह आरती और पूजा अर्चना के पश्चात ठीक 11:36 पर कपाट बंद कर दिए गए हैं।
भगवती गंगे की उत्सव डोली आर्मी की बैड धुनों, स्थानीय वाद्य यंत्र ढोल नगाड़ों की थाप एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की जय घोष के साथ मुखवा गांव के लिए रवाना हो गई है।
आज रात्रि मां गंगा जी की उत्सव डोली यात्रा का विश्राम मार्कण्डेय स्थित देवी मंदिर में होगा। 23 अक्टूबर 2025 को सुबह भैया दूज के अवसर पर मां भगवती गंगे की उत्सव डोली मुखवा गांव के लिए रवाना होगी।
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मां भगवती गंगे के मुखवा आगमन को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है समिति की ओर से वहां पर मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है क्योंकि मुखवा गांव के लोग भगवती गंगे के साथ बेटी जैसा स्नेह रखते हैं।
बेटी के मायके आने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल तथा वातावरण भक्ति मय हो रखा है।
— लोकेंद्र सिंह बिष्ट, गंगोत्री धाम


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