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केदारनाथ धाम के कपाट 15 नवंबर और बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर होंगे बंद

कपाट बंद की प्रक्रिया के तहत पंचपूजाये 14 नवंबर प्रातः से शुरू हो जायेगी। श्री केदारनाथ धाम के कपाट 15 नवंबर भैया दूज के दिन बंद हो रहे है। कपाट बंद के बाद देवडोलियां शीतकालीन गद्दीस्थल प्रस्थान करेगी। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कपाट बंद के कार्यक्रमों पंच पूजा, देवडोली प्रस्थान कार्यक्रम के सफल समापन हेतु निर्देश जारी किए है।

श्री बद्रीनाथ धाम में कपाट बंद होने की प्रक्रिया में पंचपूजाओं के कार्यक्रम के तहत 14 नवंबर को दिनभर पूजा – अर्चना पश्चात शायंकाल को गणेश जी के कपाट बंद होंगे। 15 नवंबर दोपहर के समय आदि केदारेश्वर मंदिर आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे।

16 नवंबर तीसरे दिन खडग पुस्तक पूजन के बाद वेद ऋचाओं का पाठ बंद हो जायेगा चौथे दिन 17 नवंबर को लक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना को कढाई भोग तथा पांचवे दिन 18 नवंबर को रावल जी स्त्री भेष धारण कर लक्ष्मी माता को भगवान बद्रीनाथ जी के सानिध्य में रखेंगे। उसके पश्चात विधि-विधान से शाम 3 बजकर 33 मिनट पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

देवडोलियों का शीतकालीन प्रवास स्थल प्रस्थान कार्यक्रम के अनुसार उसी दिन 18 नवंबर शाम को श्री कुबेर जी रात्रि प्रवास हेतु बामणी गांव प्रस्थान करेंगे जबकि 19 नवंबर प्रातः को श्री उद्धव जी एवं आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी रावल जी सहित पांडुकेश्वर हेतु प्रस्थान करेगी। श्री कुबेर जी बामणी गांव से पांडुकेश्वर प्रस्थान करेंगे जबकि उद्वव जी एवं शंकराचार्य जी की गद्दी मंदिर परिसर से पांडुकेश्वर रवाना होंगी। श्री उद्धव जी योग बदरी मंदिर एवं कुबेर जी अपने पांडुकेश्वर स्थित मंदिर में छःमास प्रवास करेंगे। जबकि श्री गरूड़ जी भी जोशीमठ प्रवास करेंगे।

20 नवंबर आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी योग बदरीपांडुकेश्वर से श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगी तथा शीतकाल छः माह श्री नृसिंह मंदिर स्थित आदि गुरु शंकराचार्य गद्दीस्थल प्रवास करेंगी। इसके पश्चात योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजाये आयोजित होंगी। इसी के साथ यात्रा वर्ष 2023 का भी समापन होगा।

रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी सहित धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविन्द्र भट्ट तथा अन्य वेदपाठी, पुजारीगण पंचपूजायें संपादित करेंगे। पंचपूजाओं के शुभारंभ अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी जोशीमठ/ डिप्टी सीईओ कुमकुम जोशी,प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 15 नवंबर प्रातः साढ़े आठ बजे तथा यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के अवसर पर दोपहर 11 बजकर 57 मिनट पर 15 नवंबर को दोपहर को बंद हो जायेंगे जबकि श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के अवसर पर 14 नवंबर को दिन 11 बजकर 45 मिनट पर शीतकाल हेतु बंद होंगे।

द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 22 नवंबर को प्रातः काल बंद हो जायेंगे। द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 22 नवंबर को बंद होंगे 25 नवंबर को मद्महेश्वर जी की डोली श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी इसी दिन परंपरानुसार मुख्य रूप से मद्महेश्वर मेला आयोजित होगा। उल्लेखनीय है कि श्री हेमकुंट साहिब के कपाट 11 अक्टूबर, चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट 18 अक्टूबर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट 1 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो चुके है।

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Hill Mail

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