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केदारनाथ मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाने पर लगेगा प्रतिबंध, मंदिर समिति के अधिकारियों ने पुलिस को लिखा पत्र

चारधाम यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह का वीडियो बना लेते हैं और उसको फिर सोशल मीडिया में वायरल कर देते हैं जिससे हिन्दुओं की धार्मिक भावना आहत होती हैं। केदारनाथ धाम में भी ऐसा देखने को मिला है। इसके बाद मंदिर समिति ने गर्भगृह का वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।

केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में देश विदेश से श्रद्वालु बड़ी संख्या में दर्शनों के लिए पहुंचते हैं इसमें कई भक्त मोबाइल से फोटो खीचने के लिए प्रतिबंधित गर्भगृह का भी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। जिससे हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है। केदारनाथ धाम में भी देश विदेश से आ रहे यू-ट्यूबर-ब्लॉगर द्वारा हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया जा रहा है। ऐसे वीडियो पर अंकुश लगाने के लिए मंदिर समिति मंदिर के अंदर मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध लगायेगी। इसके लिए जो भी जरूरी कार्रवाई होगी वह की जा रही है।

वहीं मंदिर परिसर में भी यूट्यूबर द्वारा बनाए जा रहे आपत्तिजनकर वीडियों पर रोक लगाने के लिए मंदिर समिति के कार्याधिकारी ने पुलिस को पत्र देकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए हालांकि वर्तमान में मंदिर समिति दर्शन के लिए मंदिर के अंदर जाने वाले भक्तों के मोबाइल स्वीच आँफ करने के बाद ही प्रवेश दे रही है। लेकिन इसके बावजूद वीडियो वायरल हो रहे हैं। अब तक केदारनाथ मंदिर के अंदर कई वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिससे कई बार विवाद की स्थिति भी पैदा हो गई है।

मंदिर समिति के कार्याधिकारी आरसी तिवारी ने मंदिर परिसर में लगातार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल होने को लेकर पुलिस को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं के विपरीत यूट्यूब शॉर्ट, वीडियो, इंस्टाग्राम रीलस बनाई जा रही हैं, जिस कारण यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों के साथ देश-विदेश में रहने वाले हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है तथा इस सम्बन्ध में उनकी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।

इन सब बातों को देखते हुए अब मंदिर के अंदर सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वालों पर नजर रखी जायेगी जो लोग भी मंदिर के गर्भगृह का वीडियो बनायेंगे उन पर उचित कार्रवाई की जायेगी। ताकि लोग इस प्रकार के वीडियो नहीं बना पायें और जिससे कि धार्मिक भावना को ठेस भी नहीं पहुंचेगी।

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Hill Mail

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