पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने ‘बीरा’ के निर्माण के लिए निर्माता धीरज पप्पू सिंह, निर्देशक देबू रावत, कलाकारों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिमालय की ऊंची चोटियां, हरे-भरे जंगल, नदियां, झीलें, घाटियां और गांव फिल्म निर्माताओं के लिए किसी प्राकृतिक स्टूडियो से कम नहीं हैं। प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराएं और जीवनशैली भी कहानीकारों को विषय और पृष्ठभूमि उपलब्ध कराती हैं।
महाराज ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के लिए आकर्षक और सुविधाजनक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में अधिक से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य ऑडियो-विजुअल प्रोजेक्ट्स की शूटिंग हो। इससे उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और स्थानीय जीवन देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। शूटिंग गतिविधियां बढ़ने पर स्थानीय युवाओं, कलाकारों, तकनीशियनों, होटल कारोबारियों, परिवहन क्षेत्र और स्थानीय उद्यमियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में स्थानीय स्तर पर गतिविधियां बढ़ेंगी और उत्तराखंड की प्रतिभाओं को अपने ही प्रदेश में काम करने के अवसर मिलेंगे।
फिल्म ‘बीरा’ पहाड़ के सरल जीवन और बदलते समय के बीच खड़े लोगों की भावनाओं को केंद्र में रखती है। कहानी में ऐसे किरदारों और परिस्थितियों को उकेरा गया है, जो अपने सपनों, रिश्तों और अपनी जड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। फिल्म में शिवानी भंडारी, नियो फर्स्वाण और सूरज कोटनाला सहित कई अनुभवी और प्रतिभाशाली कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
सतपाल महाराज ने कहा कि ‘बीरा’ केवल मनोरंजन तक सीमित फिल्म नहीं है, बल्कि यह पहाड़ की मिट्टी, रिश्तों की गर्माहट और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने वाली सिनेमाई यात्रा है। उन्होंने विश्वास जताया कि फिल्म दर्शकों को हंसाने के साथ भावुक करेगी और उन्हें अपनी मिट्टी तथा संस्कृति से जुड़ाव का एहसास भी कराएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकभाषाओं और क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय कलाकारों को अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर मिलेगा। ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महाराज ने उम्मीद जताई कि ‘बीरा’ दर्शकों के बीच अपनी विशेष पहचान बनाएगी और देश-विदेश में इसे पसंद किया जाएगा।
कार्यक्रम में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी सहित अनेक कलाकार और फिल्म से जुड़े लोग मौजूद रहे। फिल्म के ट्रेलर और संगीत लॉन्च के दौरान टीम ने अपनी तैयारियों और फिल्म से जुड़ी उम्मीदों को भी साझा किया। आयोजन में गढ़वाली सिनेमा की संभावनाओं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि क्षेत्रीय सिनेमा के माध्यम से उत्तराखंड की कहानियों को व्यापक मंच मिल सकता है। स्थानीय परिवेश, बोली और परंपराओं पर आधारित फिल्मों से दर्शकों को पहाड़ की तस्वीर समझने का अवसर मिलता।


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