उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से चल रहे सियासी घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। चार साल के कार्यकाल से ठीक नौ दिन पहले पार्टी ने उन्हें पद छोड़ने को कह दिया। अब बुधवार को सूबे के नए मुख्यमंत्री का चयन होगा। फिलहाल इस रेस में धन सिंह रावत का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो भाजपा सीएम के चेहरे पर चौंका सकती है।
इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेंद्र सिंह रावत कहा कि सूबे का मुख्यमंत्री रहना सम्मान की बात है। मैं इसके लिए पार्टी का आभारी हूं। सीएम पद से रुखसती पर उनका दर्द शब्दों के रूप में भले ही साफ तौर पर नहीं उभरा लेकिन चेहरे के भाव बहुत कुछ बता रहे थे। जब उनसे पूछा गयाृ कि आपको इस्तीफा क्यों देना पड़ा तब त्रिवेंद्र सिंह का दर्द छलक गया। उन्होंने कहा कि इसके जवाब के लिए दिल्ली जाना होगा।
त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि इस्तीफा पार्टी का ‘सामूहिक फैसला’ है। उत्तराखंड में आजतक बीजेपी के किसी भी मुख्यमंत्री ने 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। साल 2000 में अलग राज्य के तौर पर वजूद में आए उत्तराखंड में कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी के अलावा किसी भी मुख्यमंत्री ने 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया। त्रिवेंद्र रावत का कार्यकाल करीब 4 साल का रहा। 4 साल में महज 9 दिन कम थे। बीजेपी से सूबे में अब तक जो भी मुख्यमंत्री बने, उनमें रावत का कार्यकाल सबसे लंबा रहा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चार साल के समय में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं, जिसका निश्चित ही जनता को फायदा मिलेगा। उत्तराखंड के लोगों बहुत बहुत शुक्रिया। वहीं, उन्होंने प्रदेश के होने वाले नए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री @tsrawatbjp ने राजभवन में भेंट कर मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र सौंपा। श्री रावत का इस्तीफ़ा स्वीकार करते हुए उनसे राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होने एवं पदभार ग्रहण करने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है। pic.twitter.com/DLObwrUkCX
— Baby Rani Maurya(modi ka parivar) (@babyranimaurya) March 9, 2021
बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी विधायक दल की बैठक होगी जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम विधायकों से नए नेता के नाम पर चर्चा करेंगे। दोनों पर्यवेक्षक देहरादून पहुंच रहे हैं।


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