Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पिथौरागढ़ पाकिस्तान की बेवजह गोलाबारी में उत्तराखंड के दो सपूत शहीद
पिथौरागढ़उत्तराखंड न्यूज़

पाकिस्तान की बेवजह गोलाबारी में उत्तराखंड के दो सपूत शहीद

शहीद शंकर (फाइल फोटो)

पूरी दुनिया कोरोना से जंग लड़ रही है। छोटे से बड़ा हर मुल्क बेहाल है। खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क समझने वाले अमेरिका में भी हर रोज हजार लोगों की मौतें हुई हैं। हालांकि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की तरफ से बेवजह गोलीबारी शुरू हो गई है।

जब से लॉकडाउन शुरू हुआ, पाकिस्तान ने इस तरह की हरकत कर कई बार घुसपैठ कराने की कोशिश की है लेकिन वह अपने मंसूबे में नाकाम रहा। शुक्रवार को गोलीबारी बढ़ने लगी तो भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब देना शुरू किया। कुछ देर तक दोनों तरफ से जबर्दस्त गोलीबारी हुई। भारतीय फौज ने भी पाकिस्तान की तरफ भारी नुकसान पहुंचाया।

पढ़ें: कोरोना जैसी आपदा से निकलने के लिए क्या करे उत्तराखंड?

पाकिस्तान फायरिंग में उत्तराखंड के जवान शहीद

इस कार्रवाई में भारतीय सेना के चार जवान घायल हो गए। इन्हें फौरन सेना के अस्पताल में भर्ती किया गया। हालांकि देर शाम उत्तराखंड के दो सपूतों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शहीद जवानों में एक पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट क्षेत्र के नाली गांव के तो दूसरे जवान गोकर्ण सिंह पिथौरागढ़ के मुनस्यारी के रहने वाले थे।

‘कोरोना अटैक’ की फिराक में पाकिस्तान

पाक फायरिंग में घायल दो अन्य जवानों हवलदार नारायण सिंह और नायक प्रदीप भट्ट का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, बॉर्डर पर पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी बढ़ी है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने आशंका जताई थी कि पाकिस्तान घाटी में ‘कोरोना अटैक’ कर सकता है। कोरोना अटैक का मतलब यह कि वह संक्रमित लोगों की घुसपैठ करा सकता है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...