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IAS की सबसे मुश्किल परीक्षा में छाए उत्तराखंड के होनहार, देखें पूरा रिजल्ट

देश की सबसे बड़ी परीक्षा में उत्तराखंड के युवा छाए रहे। मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2019 का फाइनल रिजल्ट जारी किया, जिसमें कई युवाओं को सफलता मिली है। आइए एक-एक कर जानते हैं IAS की परीक्षा में उत्तराखंड का कौन-कौन सा सितारा चमका।

– देहरादून की विशाखा ने दो साल बाद फिर सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। जी हां, उन्होंने 2018 में देशभर में 134वीं रैंक पाई थी। वर्तमान में वह गुजरात कैडर की आईपीएस हैं। दिलचस्प यह है कि विशाखा को इस बार भी 134वीं रैंक मिली है। विशाखा की 12वीं तक पढ़ाई गुरुनानक एकेडमी से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से बीए किया। बीए में उन्होंने इतिहास और अर्थशास्त्र चुना। वर्ष 2015 में ग्रेजुएशन के बाद विशाखा ने 2016 में सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। विशाखा ने हिम्मत नहीं हारी। 2017 में नए सिरे से तैयारी कर सिविल सेवा परीक्षा दी। इसका नतीजा 134वीं रैंक के तौर पर सामने आया।

– रामनगर के रहने वाले शुभम बसंल की ऑल इंडिया रैंक 43 रही है। वह इस समय आरबीआई में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रहे हैं।

– सिद्धार्थ धपोला ने 163वीं, रुड़की के ओजस्वी राज ने 227वीं, दून की प्रियंका को 257वीं रैंक मिली है।

– गौर करने वाली बात यह है कि दून के कई युवाओं ने परीक्षा पास की है। दून के मुकुल जमलोकी ने 260वीं रैंक हासिल की है। गोपेश्वर के प्रशांत की 397वीं रैंक और स्वाती नागरकोटी को 410वीं रैंक मिली है।

– बाजपुर, ऊधमसिंहनगर के ऋजुल को भी सफलता मिली है। उन्हें 702वीं रैंक मिली है।

– जौनसार बावर की बेटियों ने भी इस मुश्किल माने जाने वाली परीक्षा में सफलता हासिल की है। नेवी गांव की सृष्टि ने 734 और त्यूणी तहसील के देवाघार खत के मेघाटू गांव की श्रुति शर्मा ने 775वीं रैंक हासिल की। भवाली निवासी अमित दत्त ने 761 रैंक प्राप्त की।

– देहरादून के भानू सिंह ने ऑल इंडिया 618वीं रैंक हासिल की है। भानू के पिता यशवंत सिंह एलआईसी एजेंट हैं जबकि मां गीता सिंह गृहिणी हैं।

सफल युवाओं की पूरी लिस्ट यहां देखें

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Hill Mail

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