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उत्तर प्रदेश की सीएम योगी बोले- महाकुंभ का आयोजन हमारे लिए अग्निपरीक्षा थी, उसमें केंद्र और राज्य खरे उतरे

महाकुंभ के आर्थिक पक्ष का वर्णन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा नाविकों के शोषण का मुद्दा उठाती है। महाकुंभ के आयोजन के दौरान 45 दिनों में एक नाविक ने 23 लाख रुपये कमाये। मतलब उस नाविक की एक दिन की आमदनी करीब 50 हजार रुपये की रही। इसी तरह से अन्य व्यावसाय से जुड़े लोगों को भी लाभ हुआ।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश की विधानसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि सपा के लोग खुद को समाजवादी कहते हैं लेकिन उनको राम मनोहर लोहिया जी की सोच से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा के लोगों को लोहिया के आदर्श और आचरण से कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने कहा कि महाकुंभ का वृहद आयोजन इसका उदाहरण है कि हम भारत की परंपराओं का सम्मान करते हैं। इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया। ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था। इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है। दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है।

महाकुंभ का आयोजन हमारे लिए अग्निपरीक्षा थी। इसमें केंद्र और राज्य सरकारें खरी उतरीं। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन की गूंज दुनिया में लंबे समय तक सुनाई देगी। ये हमारे सनातन धर्म के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आध्यात्मिक उपलब्धि नहीं है बल्कि इस आयोजन से हमारी अर्थव्यवस्था को साढ़े तीन लाख करोड़ का लाभ होने की उम्मीद है।

महाकुंभ के आर्थिक पक्ष का वर्णन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा नाविकों के शोषण का मुद्दा उठाती है। महाकुंभ के आयोजन के दौरान 45 दिनों में एक नाविक ने 23 लाख रुपये कमाये। मतलब उस नाविक की एक दिन की आमदनी करीब 50 हजार रुपये की रही। इसी तरह से अन्य व्यावसाय से जुड़े लोगों को भी लाभ हुआ। उन्होंने सपा पर हमला करते हुए कहा कि सपा के नकारात्मक प्रचार के बावजूद जनता की आस्था डिगी नहीं। प्रदेश के हर गांव की बस महाकुंभ पहुंची। सनातन के प्रति इसी व्यवहार के कारण पहले भी सपा की हार हुई और 2027 के चुनाव में भी करारी हार होगी।

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Hill Mail

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