Monday , 7 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों को दी 4600 ग्रेड पे की सौगात
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़

पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों को दी 4600 ग्रेड पे की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस स्मृति दिवस पर एक बड़ा ऐलान किया है। पुलिसकर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सीएम धामी ने 20 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उत्तराखंड पुलिस के सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे की सौगात दी है। देहरादून में रेसकोर्स स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इसकी घोषणा की। इसका लाभ वर्ष 2001 बैच के 1500 सिपाहियों को मिलेगा। ग्रेड पे में बढ़ोत्तरी से सरकार के खजाने पर इस साल 4.6 करोड़ रुपये और अगले साल से 15 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा। ग्रेड पे की मांग को लेकर 2001 बैच के सिपाहियों के परिजन दो बार सड़क पर उतर चुके हैं।

सीएम धामी ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उत्तराखंड के शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सीएम धामी ने ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुरस्कार धनराशि में वृद्धि किए जाने, शहीद पुलिस कर्मियों के नाम पर स्कूल/सड़क का नामकरण किए जाने, पुलिस विभाग के प्रशिक्षण केंद्रों में अतिथि वार्ताकारों के मानदेय में उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल की तरह वृद्धि करने और देहरादून में राज्य पुलिस संग्रहालय/मेमोरियल की स्थापना करने की भी घोषणा की।

सीएम धामी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिसकर्मी अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। अपने कर्तव्य पालन के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले ये पुलिसकर्मी हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत है। सम्पूर्ण भारतवासी अपने शहीद पुलिस कर्मियों व अर्द्ध सैनिक बलों को हार्दिक श्रद्धांजलि देते हुए नतमस्तक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम इन पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। आज पूरा विश्व आतंकवाद और कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अपनी जान की परवाह किए बिना कोविड-19 महामारी के नियंत्रण में सराहनीय कार्य किया। जिसमें पुलिस के बहुत से अधिकारी और कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 13 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित होने से मृत्यु को प्राप्त हुए हैं। उत्तराखंड पुलिस द्वारा कोविड-19 महामारी के नियंत्रण में किए जा रहे सराहनीय कार्य के अंर्तगत पुलिस विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी से निरीक्षक स्तर तक के कार्मिकों को 10,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत एक वर्ष में संपूर्ण भारत में कुल 377 अर्द्ध सैनिक बलों एवं विभिन्न राज्यों के पुलिसकर्मी शहीद हुए। जिसमें उत्तराखंड पुलिस के 3 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उत्तराखंड राज्य की अंतराष्ट्रीय सीमाएं नेपाल, चीन एवं अंतरराज्यीय सीमाएं हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से मिलती है। यह प्रदेश भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड पुलिस के समक्ष कई चुनौतियां हैं, जिनमें बड़े त्यौहार, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, कांवड़ यात्रा आदि हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी वर्दीधारी संगठन में होने के कारण अनुशासन में बंधे रहते हैं। कठोर एंव विपरीत परिस्थितियों में चुनौतीपूर्ण कार्यों का निवर्हन करते हैं। प्रदेश के विकास एवं शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश शासन पुलिस कर्मियों को अपने दायित्यों का निर्वहन करने हेतु उनकी कल्याणकारी योजनाओं/सुविधाओं पर विशेष ध्यान रख रहा है। स्मार्ट पुलिस बनाने का जो विजन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का है, उसको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने पुलिस के लिए ठीक ही कहा है, ‘अपनों के लिए हर वादे तोड़ के आया हूं, मैं खाकी हूं…आपके लिए अपनों को रोता छोड़ के आया हूं।’

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, विनोद चमोली, सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव डा. एस. एस. संधू, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, आनंद वर्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, सचिव डा. रणजीत सिन्हा ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles