उत्तराखंड में एक दिन पहले कोरोना का कोई मरीज सामने नहीं आया था लेकिन मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में भर्ती एक महिला कोरोना से संक्रमित पाई गई है। इस तरह से राज्य में संक्रमित लोगों की कुल संख्या 52 पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि एम्स में भर्ती यह महिला 22 अप्रैल से यहां है। एम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण का यह दूसरा मामला है। उत्तराखंड में पिछले आठ दिनों में सात कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें 28 को एक, 27 को शून्य, 26 को 3, 25 को शून्य, 24 को एक, 23 को एक, 22 और 21 को शून्य तथा 20 अप्रैल को दो पॉजिटिव केस सामने आए।
ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में संक्रमित महिला नैनीताल की रहने वाली है। वह 22 अप्रैल को यहां के इमरजेंसी के रेड एरिया में सुबह 11 बजे तक भर्ती रही। बाद में उसे न्यूरो वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। महिला के साथ उनके पुत्र और पुत्री यहां आए हैं। दोनों एम्स की कैंटीन में ही खाना खाते हैं। एम्स प्रशासन के मुताबिक, न्यूरो वार्ड ब्लॉक को भी सील किया जा रहा है। महिला के परिवार वाले जिन जिन लोगों के संपर्क में आए हैं, उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इससे पहले एम्स ऋषिकेश में दो दिन पहले यहां यूरोलॉजी विभाग के नर्सिग अधिकारी में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। हालांकि अब उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है, उसे आइसोलेशन वार्ड में निगरानी में रखा गया है। यूरोलॉजी आइपीडी वार्ड को क्वारंटाइन वार्ड घोषित कर दिया गया है, साथ ही इस वार्ड से जुड़े सभी सीनियर व जूनियर रेजिडेंट्स चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, अन्य स्टाफ व मरीजों को एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया गया है।
राहत की बात यह है कि उत्तराखंड में कुल संक्रमित मरीजों में से 33 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं। इसे एक अच्छे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने साफ कहा है कि कोरोना से बचने के लिए सामाजिक दूरी का लगातार पालन करें।
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कोरोना संकट में लॉकडाउन को लेकर चर्चा के लिए एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की थी। इस दौरान उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुझाव दिया था कि पड़ोसी राज्यों के साथ सीमाएं न खोली जाएं। उन्होंने अपील की कि इंटर स्टेट बॉर्डर को तब तक सील रखा जाए जब तक कि पड़ोसी राज्यों में हालात नहीं सुधरते।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, यूपी जैसे राज्यों को देखें तो उस लिहाज से उत्तराखंड में कम मामले सामने आए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जिस तेजी से कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं, अगर यह सिलसिला जारी रहा और नए केस न आए तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश कोरोना से मुक्त हो जाएगा।


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