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उत्तराखंड ने रचा निर्यात का नया इतिहास, इराक भेजी गई 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की पहली खेप

उत्तराखंड ने मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर से पहली बार 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की खेप इराक के लिए रवाना की गई है। इस निर्यात के साथ ही राज्य के प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल राज्य के कृषि निर्यात को नई गति मिलेगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत करने के नए अवसर भी पैदा होंगे।

यह निर्यात भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से किया गया है। काशीपुर स्थित वीरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड ने फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की पहली खेप इराक भेजी है। राज्य से मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों का यह निर्यात उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

निर्यातक कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए गए फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की गुणवत्ता को देखते हुए विदेशी बाजार में इसकी अच्छी मांग बनने की संभावना है। कंपनी का कहना है कि पहली खेप सफलतापूर्वक भेजे जाने के बाद भविष्य में इराक समेत अन्य देशों से भी बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य में प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

एपीडा ने इस निर्यात को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्था ने निर्यातक कंपनी को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने के लिए गल्फूड और वर्ल्ड फूड इंडिया जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक प्रदर्शनियों में भागीदारी का अवसर उपलब्ध कराया। इन मंचों के माध्यम से विदेशी आयातकों के साथ व्यावसायिक संपर्क स्थापित हुए, जिसका परिणाम अब निर्यात के रूप में सामने आया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में आलू उत्पादन की अच्छी संभावनाएं हैं और यदि इन्हें केवल कच्चे उत्पाद के रूप में बेचने के बजाय मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित किया जाए, तो किसानों को अधिक लाभ मिल सकता है। फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज जैसे उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है और यह उत्तराखंड के किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि एपीडा का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना है। उत्तराखंड से फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज का निर्यात इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का प्रसंस्कृत सब्जियों का निर्यात 932.25 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें आलू आधारित उत्पादों की उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि वैश्विक बाजार में भारतीय प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और उत्तराखंड भी अब इस बढ़ते निर्यात का हिस्सा बन रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार किया जाए और किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता मानकों तथा निर्यात संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, तो उत्तराखंड से अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात भी तेजी से बढ़ सकता है। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इराक के लिए फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की पहली खेप का सफल निर्यात उत्तराखंड के लिए केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संकेत भी है कि राज्य अब पारंपरिक कृषि से आगे बढ़कर मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के जरिए वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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Hill Mail

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