Home उत्तराखंड न्यूज़ पौड़ी गढ़वाल कोटद्वार में सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप का आगाज, 650 तीरंदाज दिखाएंगे निशानेबाजी का दम
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कोटद्वार में सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप का आगाज, 650 तीरंदाज दिखाएंगे निशानेबाजी का दम

बलूनी पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में सोमवार को सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। देशभर में तीरंदाजी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्घाटन उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र सिंह रावत ने पारंपरिक अंदाज में तीर चलाकर किया। उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण का सबसे प्रभावी साधन भी हैं। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी जैसे खेल एकाग्रता, मानसिक संतुलन और सटीक लक्ष्य निर्धारण की सीख देते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड खेल प्रतिभाओं से समृद्ध राज्य है और सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव मिलता है, बल्कि कोटद्वार की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया।

कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र सिंह रावत ने भी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि शहर के लिए यह गर्व का विषय है कि इतनी बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन यहां किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप का आयोजन 23 जुलाई तक किया जाएगा। प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों और शहरों से आए करीब 650 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी अपनी तकनीक, सटीकता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता के दौरान रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड सहित विभिन्न श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।

आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए मैदान, अभ्यास स्थल, तकनीकी व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और खिलाड़ियों के ठहरने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। अनुभवी निर्णायकों और तकनीकी अधिकारियों की देखरेख में प्रतियोगिता के सभी मुकाबले अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को निष्पक्ष और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल सके।

बलूनी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन बलूनी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक शिक्षा तक सीमित न रखकर खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है और उन्हें बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने का आत्मविश्वास प्राप्त होता है।

विद्यालय की डायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय के लिए इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी करना सम्मान की बात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे पूरी एकाग्रता के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

उद्घाटन समारोह में विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा करने का संकल्प लिया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। प्रतियोगिता के पहले दिन खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और अभ्यास सत्रों में भी प्रतिभागियों ने अपने कौशल की झलक दिखाई।

आगामी दिनों में होने वाले मुकाबलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। खेल प्रेमियों की नजरें अब इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप पर टिकी हैं, जहां उत्तर भारत के उभरते तीरंदाज अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाकर नई पहचान बनाने की कोशिश करेंगे।

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Hill Mail

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