Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ Video: चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद का मंजर भयावह, 150 लोगों के लापता होने की आशंका, अलर्ट
उत्तराखंड न्यूज़चमोली

Video: चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद का मंजर भयावह, 150 लोगों के लापता होने की आशंका, अलर्ट

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषिगंगा और फिर धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट के बांध के क्षतिग्रस्त होने से गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है।

रविवार सुबह चमोली जिले के अंर्तगत ऋषिगंगा नदी पर रैणी गांव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे और पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा। नतीजतन रैणी से करीब 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है।

 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि राहत की खबर है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

 

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि ITBP की दो टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। NDRF की तीन टीमों को देहरादून से रवाना किया गया है और 3 अतिरिक्त टीमें शाम तक एयरफोर्स की हेलीकॉप्टर की मदद से वहां पहुंच जाएंगी। SDRF और स्थानीय प्रशासन पहले से ही मौके पर है। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

आशंका जताई जा रही है कि पानी के तेज बहाव में ऋषिगंगा और धौलीगंगा प्रोजेक्ट के करीब 150 लोग लापता हो गए हैं। पावर प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने प्रशासन से कहा है कि करीब 150 लोगों का पता नहीं चल पा रहा है। बचाव टीम को लोगों को निकालने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles