उत्तराखंड में दस हजार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट का शासनादेश जारी कर दिया गया है। राज्य के युवाओं, प्रवासियों और किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना’ की शुरुआत की गई है। इसमें 10 हजार युवाओं को स्वरोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना के तहत 25 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट आवंटित किए जाएंगे। इसमें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत दिए जाने वाले कर्ज, अनुदान जैसे लाभ मान्य होंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने खुद एक फेसबुक पोस्ट के जरिये शासनादेश जारी होने की सूचना दी है।
‘मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना’ के पहले चरण में लगभग 10 हजार ग्रामीण युवा इससे लाभान्वित होंगे। इसमें 25 किलोवाट तक के प्लांट लगाए जा सकेंगे। इस योजना में न केवल सब्सिडी दी जाएगी बल्कि पैदा होने वाली ऊर्जा को सरकार खरीदेगी।
अनुमान है कि मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट लगाने वालों को 15 हजार रुपये तक मासिक आय हो सकती है। सरकार इन्हें प्रति यूनिट साढ़े चार रुपये के हिसाब से भुगतान करेगी। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपने गांव में 25 किलोवाट तक का सोलर प्लांट लगा सकता है। इच्छुक लोगों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सब्सिडी मिलेगी। सोलर प्लांट लगाने वालों के साथ सरकार एक करार करेगी।
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