लंबे ऊहापोह के बाद उत्तराखंड सरकार ने रोडवेज का अंतरराज्यीय परिवहन खोलने का फैसला किया है। उत्तराखंड परिवहन की सौ-सौ बसें पांच राज्यों में जाएंगी और इन राज्यों से इतनी ही बसें उत्तराखंड आएंगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार देर रात इस संबंध में अपनी मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान और पंजाब के लिए सौ-सौ बसें चलाने को मंजूरी दी है।
राज्यों के बीच रोडवेज की बसें चलाने में सबसे बड़ी बाधा यह है कि जिन यात्रियों को ये बसें लेकर उत्तराखंड आएंगी, उनका पंजीकरण कैसे होगा। यह चेक कैसे होगा कि जो यात्री यहां से बाहर जा रहे हैं या जो दूसरे राज्यों से यहां आ रहे हैं वो कहां तक आगे जाएंगे। हालांकि बताया जाता है कि इस पर व्यवस्था बना ली गई है। इसके बाद ही मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय परिवहन को मंजूरी दी है।
इस संबंध में एक या दो दिन में मानक संचालन प्रक्रिया जारी हो जाएगी और उसके बाद रोडवेज की बसों को एक-दूसरे राज्यों में जाने की इजाजत दे दी जाएगी। अपर सचिव परिवहन रणवीर सिंह चौहान ने यह जानकारी दी है। हालांकि दिल्ली को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुई है। सबसे ज्यादा रोडवेज की बसों का संचालन दिल्ली के लिए ही होती है।


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