उत्तराखंड ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की ओर अग्रसर है। 21 जनवरी, 2020 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में ई-ऑफिस कार्य प्रणाली का शुभारंभ किया था। अब विभिन्न विभागों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बुधवार को उत्तराखंड राज्य सचिवालय में ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किए जाने संबंधी एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सचिवालय के समस्त अनुभागों, विभागों की फाइलों को ई-ऑफिस के माध्यम से चलाने के संबंध में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त और एनआईसी के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक राजीव जोशी और ई-ऑफिस के प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षणार्थियों को ई-ऑफिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का उद्देश्य है कि सचिवालय और सभी विभागों में प्रदेश और जिला स्तर पर फाइलों के मूवमेंट में तेजी आए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड प्रदेश ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की ओर अग्रसर है। ई-ऑफिस उत्तराखंड सरकार के द्वारा शासकीय कार्यों में सुशासन व पारदर्शिता लाएजाने हेतु एक उत्कृष्ट कदम है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में गति लाने के लिए प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में आज सचिवालय सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इन 10 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। जिनमें मुख्यमंत्री कार्यालय, आईटी, निर्वाचन, प्रोटोकॉल, सचिवालय प्रशासन, युवा कल्याण, नियोजन, महिला सशक्तिकरण, राज्य संपत्ति एवं श्रम विभाग शामिल थे। प्रथम चरण में सचिवालय के इन विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से सोमवार से कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड शासन में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी द्वारा नियमित मानीटरिंग की जा रही है।
एनआईसी के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक राजीव जोशी ने कहा कि सचिवालय में ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा आईएएस सप्ताह के दौरान किया जा चुका है। ई-ऑफिस प्रणाली के लागू हो जाने के उपरांत जनता की समस्याओं से संबंन्धित विभिन्न फाइलों का अनुश्रवण बेहद आसान हो जायेगा व अधिकारियों एवं कार्मिकों की कार्यकुशलता में भी बढ़ोत्तरी होगी। इस प्रणाली के पूर्ण रूप से लागू हो जाने के पश्चात मेनुअल फाईलें इलेक्ट्रानिक फाइलों के रूप में चलेंगी तथा अधिकारी व मंत्रीगण एक क्लिक पर ही फाइलों से सम्बन्धित ब्योरा हासिल कर पाएंगे।


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