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उत्तराखंड में लगातार भूस्खलन, कई जगहों पर मलबा आने से बदरीनाथ और यमुनोत्री हाइवे भी बंद

कोरोना काल में काफी समय तक चारधाम यात्रा बंद रही। अब शुरू भी हुई तो भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के चलते मुश्किलें बढ़ गई हैं। जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं। सड़कों पर मलबा आ रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ ही आम लोगों का आवागमन भी बाधित हो रहा है।

उत्तराखंड में पिछले करीब 10 दिनों से हो रही बारिश से कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। पिथौरागढ़ में कई लोगों की जान चली गई है। चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कल यानी गुरुवार को भूस्खलन होने से मलबा सड़क पर आ गया। इससे यातायात बंद हो गया। ऐसे ही कई जगहों पर मलबा सड़कों पर आने से बदरीनाथ और यमुनोत्री हाइवे आए दिन बाधित हो रहा है।

ऐसे में कोरोना काल में चारधाम यात्रा के लिए आए लोगों के साथ ही स्थानीय गांववालों को भी दिक्कत हो रही है। शुक्रवार को भी बदरीनाथ और यमुनोत्री हाइवे कई जगह बंद हो गया। बदरीनाथ हाइवे पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात लामबगड़, भनेरपाणी, नंद्रप्रयाग-हिलेरी पार्क और कुहेड़ में बंद बताया जा रहा है। हाइवे को साफ करने का काम जारी है।

चमोली जिले में कल से ही बारिश हो रही है। जिले में मलबा आने से 10 से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हैं। चमोली के बाजपुर में भारी बारिश से भूस्खलन का वीडियो भी सामने आया है। कुछ दूरी से लिए गए वीडियो में साफ दिखाई देताहै कि लोग मोबाइल से वीडियो शूट कर रहे होते हैं तभी पहाड़ से दरककर मुट्टी रोड पर आ जाती है। मलबा भी कोई कम नहीं इतना ज्यादा था कि बड़ी घटना घट सकती थी। गनीमत रही कि लोगों को पहले ही एहसास हो गया था और वे सर्तकता बरतते हुए दूर खड़े थे।

उधर, यमुनोत्री हाइवे भी रातभर हुई बारिश के कारण जगह-जगह मलबा आने से बंद है। कई जगह सड़क पर ही दलदल बना गया है। हाइवे पर आवाजाही गुरुवार रात से बंद है। भूस्खलन और भारी बारिश से बदरीनाथ हाइवे जगह-जगह खतरनाक बना हुआ है, जिससे धाम जाने वाले यात्रियों को रुक-रुककर जाना पड़ रहा है। इससे लोगों का यात्रा शेड्यूल ही बिगड़ रहा है।

कुहेड़, भनेरपाणी, पागननाला और लामबगड़ में हाइवे पर आवाजाही खतरनाक है। कुहेड़ और भनेरपाणी में ऑलवेदर रोड की पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। पीपलकोटी से करीब छह किमी की दूरी पर स्थित पागल नाले में बारिश होने पर मलबा और बोल्डर हाइवे पर आ रहे हैं, जिससे दलदल बन गया है। प्रशासन की ओर जल्द मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं।

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