14 घंटे के जनता कर्फ्यू के बाद उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में लॉकडाउन सोमवार से शुरू हो गया है। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने साफ कहा है कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर पैनी नजर रखें। जनता को आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में कोई परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाए।
उन्होंने जनता से अपील है कि सभी दिशानिर्देशों का गंभीरता से पालन करें। आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान भी मजिस्ट्रेट, पुलिस, मेडिकल सेवाएं, बैंक, एटीएम, खाने-पीने की डिलिवरी, मीडिया संस्थान आदि पहले की तरह काम करते रहेंगे। हालांकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट समेत कई तरह की पाबंदियां भी लगाई गई हैं।
उत्तराखंड में लॉकडाउन: जानें क्या खुला और क्या बंद
ऐसे में मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आश्वस्त किया है जो इस बंदी के दौरान अपनी रोजी-रोटी को लेकर परेशान हैं। सीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘लॉकडाउन की स्थिति में मजदूर, छोटे कारीगर प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने राज्य में रजिस्टर्ड मजदूरों के खाते में एक हजार रुपये डालने का फैसला किया है ताकि उनको खाद्यान्न की दिक्कत न रहे।’ आपको यह भी बता दें कि राज्य में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जो काफी राहत पहुंचाने वाली बात है।
लॉक डाउन की स्थिति में मजदूर छोटे कारीगर प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने राज्य में रजिस्टर्ड मजदूरों के खाते में एक हजार रुपए डालने का फैसला किया है ताकि उनको खाद्यान्न की दिक्कत न रहे।
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) March 22, 2020
राज्य में अब तक तीन मामलों की ही पुष्टि हुई है। रविवार को 16 मरीजों की जांच रिपोर्ट आई, जिसमें सभी निगेटिव पाए गए। सरकार ने अपील की है कि लॉकडाउन का फैसला अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद और जनता की भलाई को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसका मकसद साफ है लोग घरों से न निकलें और सोशल डिस्टेंसिंग यानी मेल-मुलाकातें न हों तभी कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।


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