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अब सीएमओ से भी रखी जाएगी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की गतिविधियों पर नजर

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन के उपायों को सुझाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कार्यालय में एक सेल का गठन किया गया है। इस सेल में अध्यक्ष के रूप में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, सदस्य के रूप में हार्क ( HARC) संस्था से महेंद्र सिंह कुँवर एवं मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट शामिल हैं।

प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इसमें निर्माण और सेवा क्षेत्र में अपना काम करने के लिए ऋण व अनुदान की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवाओं और प्रदेश में लौटे प्रवासियों के लिए एमएसएमई के तहत बनाई गई है। योजना में विनिर्माण में 25 लाख और सेवा क्षेत्र में 10 लाख तक की लागत की परियोजना पर स्वरोजगार के लिए ऋण ले सकेंगे। इसमें 25 प्रतिशत तक अनुदान की व्यवस्था है। मार्जिन मनी अनुदान के रूप में समायोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत इससे संबंधित लगभग सभी विभागों की योजनाओं को शामिल किया गया है। राज्य स्तर पर सभी विभागों के समन्वय के लिए यह प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। अन्य विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाते हुए उद्यान, कृषि, माइक्रो फूड प्रोसेसिंग, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, पोल्ट्री, जैविक कृषि आदि पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। योजना में 150 से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं।

सेल के अध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि युवा स्वरोजगार अपनाने के साथ ही अन्य के लिए भी रोजगार देने वाले बन सकें। विभिन्न विभागों के स्तर पर स्वरोजगार के जो कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, उनसे भी समन्वय किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार का लाभ मिल सके।

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Hill Mail

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