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ऑनलाइन उत्तराखंड की ओर तेजी से बढ़ रहे कदम, नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर

कोरोना काल में जरूरी काम से ही लोग बाहर निकल रहे हैं। पिछले करीब चार महीने से जहां तक संभव हो रहा है, लोग ऑनलाइन काम कर रहे हैं। कई कंपनियां वर्क फ्रॉम होम मोड में चली गई है। अब सरकार के कार्यालय भी तेजी से डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं। उत्तराखंड में जल्द ही सभी कार्यालय ई-ऑफिस बन जाएंगे यानी कार्यालयों में सारा काम ऑनलाइन होगा। हालांकि इस पर काम काफी पहले से शुरू हो चुका था। त्रिवेंद्र सरकार चाहती है कि ऑनलाइन काम हो जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

ऑनलाइन काम की शुरुआत भी सचिवालय से हो चुकी है। यहां के सभी विभागों को ऑनलाइन करने के बाद अन्य विभागों में कार्मिकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। दरअसल, कोरोना काल से पहले से ही प्रदेश सरकार डिजिटल कामकाज पर फोकस कर रही थी। इसका उद्देश्य यही है कि एक क्लिक के जरिए आम जनता को विभागों की जानकारी और योजनाओं का लाभ मिल सके।

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इतना ही नहीं, टेंडर, सरकारी कार्यों की निगरानी जैसे काम भी ऑनलाइन किए जाएं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। कई विभाग इस दिशा में कदम आगे बढ़ा चुके हैं। प्रदेश में देखा जाए तो अभी ई-गवर्नेंस, ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-हेल्थ, टेली मेडिसन, ई-एजुकेशन, ई-बैंकिंग जैसी योजनाएं चल रही हैं। इनमें प्रमाण पत्र बनाने से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और किसानों को फसल बेचने के लिए उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने पर काम हो रहा है।

आपको बता दें कि ई-कैबिनेट के जरिए उत्तराखंड कैबिनेट की बैठकें भी ऑनलाइन हो रही हैं। मैदानी इलाकों में ऑनलाइन कामकाज ठीक चल रहा है पर पहाड़ों में थोड़ी दिक्कत आ रही है। नेट कनेक्टिविटी को लेकर अब भारत फेज-टू योजना से सब टेंशन दूर होने की उम्मीद जगी है। इस योजना को पूरा करने के लिए दिसंबर 2021 का लक्ष्य रखा गया है।

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सरकार का पूरा फोकस इस समय ई-ऑफिस और ई-कलेक्ट्रेट योजना पर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि सभी जिलों में ई-ऑफिस और ई-डिस्ट्रिक्ट योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह है कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उनका काम जल्द हो सके। इसकी समीक्षा करने की भी व्यवस्था की गई है। यह भी देखा जाएगा कि कोई भी पत्रावली कितने समय तक कहां लंबित है और लोगों को कोई परेशानी तो नहीं हो रही है।

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