उत्तराखंड सरकार ने दूसरे राज्यों के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों के संचालन को मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी जारी कर दी है। 30 सितंबर के बाद उत्तराखंड परिवहन की बसें दूसरे राज्यों और वहां की बसें यहां आ-जा सकेंगी। कोरोना काल के दौरान डेढ़ गुना किराए लेने का पूर्व में जारी आदेश समाप्त कर दिया है। यात्रियों से राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा तय किराया ही लिया जाएगा। यदि ज्यादा किराया वसूला गया तो संबंधित शिकायत पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सोमवार को बसों से संचालन संबंधी एसओपी जारी की है।
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देशभर में हुए लॉकडाउन के चलते केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार उत्तराखंड में भी बीते मार्च महीने से अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन के संचालन को बंद कर दिया गया था। करीब 6 महीने बाद उत्तराखंड सरकार ने बाहरी राज्यों से आवागमन के लिए सार्वजनिक वाहनों के संचालन की अनुमति दे दी। पहले चरण में राज्यों के बीच प्रति दिन बसों के 100-100 फेरों के संचालन की अनुमति दी गई है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, परिवहन निगम को अन्य राज्यों के परिवहन निगमों से समन्वय बनाकर प्रतिदिन 100-100 फेरे लगाने की अनुमति दी गई है।
यहां पढ़िये क्या है नई एसओपी में…
अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय मार्गों पर बस, टैक्सी-कैब, थ्री व्हीलर, ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा आदि समेत अन्य सार्वजनिक वाहनों में निर्धारित संख्या में ही सवारी बैठाई जाएंगी। बसों में खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी है।
वाहन स्वामियों/चालक/परिचालक द्वारा यात्रियों से राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दर से किराया लिया जाएगा। सभी वाहन स्वामियों/ वाहन चालकों एवं यात्रियों द्वारा उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अंतरराज्यीय एवं अंतरजनपदीय आवागमन के निर्धारित मानक प्रचालन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। हर बार यात्रा प्रारंभ से पूर्व एवं यात्रा समाप्ति के बाद वाहनों को पूरी तरह से सैनिटाइज कराया जाएगा। चालक-परिचालक समेत सभी यात्रियों के लिए फेस मास्क पहनना जरूरी होगा।
दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी देहरादून की वेबसाइट http://smartcitydehradun.uk.gov.in/ पर पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। अगर कोई यात्री किसी भी कारण से पंजीकरण नहीं करा पाया तो गंतव्य स्थान पर पहुंचने पर उसका रजिस्ट्रेशन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। चालक-परिचालक समेत सभी यात्रियों के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
दूसरे राज्यों की यात्रा के दौरान बॉर्डर पर यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। यात्रा के दौरान पान, तंबाकु, गुटखाऔर शराब आदि का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वाहनों में थूकना दंडनीय अपराध होगा। यात्रा के दौरान वाहनों को निर्धारित स्टोपेज पर ही रोका जाएगा। किसी यात्री में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देने पर संबंधित वाहन चालक द्वारा उसकी सूचना निकटतम पुलिस थाने/स्वास्थ्य केंद्र को दी जाएगी।


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