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केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की समाधि का काम जल्द पूरा करने के निर्देश, केंद्रीय संस्कृति सचिव ने किया दौरा

केंद्रीय संस्कृति सचिव ने कुछ स्थानीय घरों का भी निरीक्षण किया जिनमें अस्थायी तौर पर संग्रहालय को संचालित किया जा सके। उन्होंने केदारनाथ-लिनचोली मार्ग का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि यहां के चार पड़ावों को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले ध्यान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य तेजी गति से आगे बढ़ रहे हैं। रविवार को केंद्रीय संस्कृति सचिव राघवेंद्र सिंह और उत्तराखंड के पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने केदारनाथ धाम पहुंचकर इन कामों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आदि शंकराचार्य की समाधि, नेपाल भवन तथा केदारनाथ-लिनचोली मार्ग का निरीक्षण किया। केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से हो रही है। यहां चल रहे कार्य पीएम के उस ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिसके तहत केदारपुरी को दिव्य और भव्य स्वरूप दिया जाना है।

केंद्रीय संस्कृति सचिव को केदारनाथ में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि आदि शंकराचार्य की समाधि पर चल रहे काम को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं। इस दौरान उनके साथ प्रसिद्ध उद्योगपति सज्जन जिंदल भी उपस्थित रहे। रुद्रप्रयाग की जिलाधिकारी वंदना सिंह चौहान ने इस दौरान यहां चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी दी।

 

जिंदल स्टील वर्क्स द्वारा केदारनाथ में विकास कार्यों हेतु बड़ी मात्रा में सहयोग राशि उपलब्ध करवाई गई है, इसके माध्यम से शंकराचार्य समाधि स्थल समेत कई तरह के निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। यह काम वुडस्टोन कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान कंपनी के अधिकारी भी मौके पर थे और उन्होंने यहां चल रहे कामकाज का ब्यौरा केंद्रीय संस्कृति सचिव को दिया। संस्कृति सचिव ने इस अभूतपूर्व योगदान के लिए सज्जन जिंदल को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

 

दोनों अधिकारियों ने नेपाल भवन का निरीक्षण किया और स्थान स्वामी से वार्ता कर इसे संग्रहालय के रूप में संरक्षित करने का प्रस्ताव दिया। केंद्रीय संस्कृति सचिव ने कुछ स्थानीय घरों का भी निरीक्षण किया जिनमें अस्थायी तौर पर संग्रहालय को संचालित किया जा सके। उन्होंने केदारनाथ-लिनचोली मार्ग का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि यहां के चार पड़ावों को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले ध्यान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

 

इस अवसर पर जावलकर ने कहा कि राज्य में पर्यटकों के लिए आवाजाही खोल दी गई है। देशभर के श्रद्धालु अब देवस्थान पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर चार धाम की यात्रा पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड को अपना कार्य केवल पूजा अर्चना तक सीमित न रखते हुए यात्रियों की सेवा के लिए अतिरिक्त कार्य करने को कहा गया है। देवस्थानम बोर्ड को शासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बोर्ड  के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस बात की अपेक्षा है कि वे व्यापक स्तर पर उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अपने विजन को भी बड़ा करेंगे।

उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 श्रद्धालुओं द्वारा बाबा केदार के दर्शन किए जा चुके हैं। चारों धामों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इससे स्थानीय होटल एवं रिजॉर्ट व्यवसायी, घोड़ा व्यवसाई, छोटे कारोबारियों तथा पर्यटन क्षेत्र के अन्य हित धारकों को लाभ और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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Hill Mail

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