Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखंड का लाल पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद
उत्तराखंड न्यूज़

उत्तराखंड का लाल पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

साउथ कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में मंगलवार को उत्तराखंड के लाल और सेना के जांबाज जवान राहुल रैन्सवाल शहीद हो गए। पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इस पर सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।

खुद को फंसा देख आतंकियों ने एक मकान से जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी दौरान आतंकियों से लोहा लेते राष्ट्रीय राइफल्स के जवान राहुल रैन्सवाल (25) शहीद हो गए। जम्मू कश्मीर पुलिस के एसपीओ राजौरी निवासी शाहबाद अहमद भी शहीद हो गए हैं।

आपको बता दें कि तल्लादेश के रियासीबमन गांव से ताल्लुक रखने वाले राहुल का परिवार चंपावत के कनलगांव में रहता है। उनके शहादत की खबर सुनते ही गांव समेत पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। पिता और पत्नी का बुरा हाल है। शहीद राहुल के बड़े भाई राजेश रैंन्सवाल भी फौज में हैं और इस समय लखनऊ में तैनात हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा, ‘अवंतीपुरा में आतंकियों से मुठभेड़ में उत्तराखंड के सपूत राहुल रैन्सवाल ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। राहुल की शहादत को कोटि-कोटि नमन करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके परिजनों को इस दुख से उबरने की शक्ति प्रदान करें। सरकार शहीद के परिजनों के साथ हर समय खड़ी है।’

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...