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अब महाराष्ट्र की विजया पवार की सुनिए कहानी, 7 प्रेरक महिलाओं में उनका भी नाम

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हिल मेल ब्यूरो, नई दिल्ली
महाराष्ट्र के ग्रामीण अंचल में बंजारा समुदाय के हस्तशिल्प कला को आगे बढ़ा रही हैं विजया पवार। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सात प्रेरक महिलाओं की कहानियों में उनका भी नाम शामिल है। वह लिखती हैं कि आपने भारत के अलग-अलग हिस्सों के हस्तशिल्प के बारे में सुना होगा। मैं बंजारा समुदाय के हस्तशिल्प कला के बारे में में आपसे जानकारी शेयर करना चाहूंगी। मैं पिछले दो दशकों से इस काम में लगी हूं और आज हजार से भी ज्यादा महिलाएं इसमें सहभागी बन रही हैं।
#SheInspiresUs के साथ अपना वीडियो शेयर करते हुए विजया ने बताया कि बंजारा हस्तकला उनकी दादी और मां भी बनाती थीं। साल 2000 में उनकी शादी हो गई। उनके पति की भी इसमें काफी रुचि थी, उनसे विजया ने काफी कुछ सीखा और उनकी भी रुचि बढ़ती चली गई। उन्होंने बताया कि मैंने 2000 से 2004 तक अपनी पारंपरिक चीजों का ही डुप्लीकेट बनाया। 2004 में हमने एनजीओ बनाया और इसमें सभी महिलाएं हैं। मैंने अपने घर, गांव और फिर तालुका स्तर तक लोगों को प्रशिक्षित करना शुरू किया।

 
उन्होंने कहा कि मैं गावों में जाकर लोगों को प्रोत्साहित करती थी कि आप खुद कुछ न कुछ हस्तकला से बना सकती हैं। भारत सरकार वस्त्र उद्योग मंत्रालय की अंबेडकर हस्तशिल्प योजना के अंतर्गत हमने 682 महिलाओं का 5 साल का प्रोग्राम चलाया। वहां ट्रेनिंग के साथ-साथ हमने समझाया कि इसमें रोजगार भी कर सकते हैं।
विजया पवार लिखती हैं कि गोरमाटी कला को बढ़ावा देने के लिए पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी ने न केवल हमें प्रोत्साहित किया बल्कि हमारी आर्थिक सहायता भी की। यह हमारे लिए गौरव की बात है। इस कला के संरक्षण के लिए मैं पूरी तरह से समर्पित हूं और महिला दिवस के अवसर पर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।

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Hill Mail

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