Tuesday , 22 September 2026
Home सरोकार सहकारिता से मजबूत होंगे गांव, समृद्ध होगा उत्तराखंड: सीएम धामी
सरोकारउत्तराखंड न्यूज़देहरादूनसाक्षात्कार

सहकारिता से मजबूत होंगे गांव, समृद्ध होगा उत्तराखंड: सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती उत्तराखंड की ओर से आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया।

 

मुख्यमंत्री ने सहकार भारती के संस्थापक श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से उत्तराखंड समृद्ध बनेगा।

सीएम धामी ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली कई महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई हैं। सहकार ग्रंथ के लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान और एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम से इस क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इन पहलों के लिए सहकारिता विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय और सहकार भारती को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। पर्वतीय राज्य में सहकारिता पलायन रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि पैक्स राज्य की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती जरूरतों के अनुसार इन्हें एम-पैक्स के रूप में अधिक सक्षम और प्रभावी बनाया जा रहा है। इनके माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं, युवाओं को नए अवसर और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम ने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। नेतृत्व प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों में नई सोच, कार्यदृष्टि और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम भी है।

उन्होंने कहा कि किसान, युवा और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को मजबूत करने और अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति शिवेंद्र कुमार कश्यप, सहकार भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित अन्य लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles