Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ #VocalForLocal: अब चाहिए पिसा लूण, तिमले या लिंगड़े का आचार तो घर बैठे मंगाइये, ‘पिंटू’ है तैयार
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

#VocalForLocal: अब चाहिए पिसा लूण, तिमले या लिंगड़े का आचार तो घर बैठे मंगाइये, ‘पिंटू’ है तैयार

#VocalForLocal के लिए युवाओं को रुझान बढ़ता जा रहा है। इस दिशा में उत्तराखंड में कई तरह का पहल हो रही हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि अब उत्तराखंड के घरेलू उत्पादों को भी सीधा बाजार मिलने की दिशा में काम हो रहा है। ऐसा ही एक प्रयास उत्तराखंड के कुछ युवाओं ने किया और यह ‘पिंटू’ एप के रूप में सामने आया।

उत्तराखंड में इस समय स्थानीय उत्पादों से कई तरह की चीजें बनाई जा रही हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि लोग इन्हें पसंद भी करते हैं लेकिन बाजार में उपलब्धता को लेकर जानकारियां नहीं होतीं। पहाड़ के उत्पाद हमेशा गुणवत्ता के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे ही उत्पादों को मार्केट देने और सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए पहाड़ के युवाओं ने एक पहल की है। अब आप पहाड़ के उच्च गुणवत्ता के उत्पाद घर बैठे बैठे पा सकते हैं।

युवाओं की इस मुहिम की शुरुआत पौड़ी में गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी ने की। यह एक मोबाइल एप्लीकेशन ‘पिंटू’ है। शुरुआत में पिंटू एप देहरादून में ही सेवाएं देगा। इसके जरिये आप रोजमर्रा के जरूरी सामान के साथ ही पहाड़ के उत्पाद भी ले सकते हैं। मंडुवे, झंगोरे के साथ-साथ पिंटू पर आपको कंडाली की चाय, तिमले, लिंगड़े का अचार, शुद्ध प्राकृतिक शहद भी उपलब्ध कराएगा।

‘पिंटू’ के लांच के अवसर पर नरेंद्र सिंह नेगी ने अन्य उत्पादों को शामिल करने के साथ-साथ पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

एप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें

इस एप को तैयार करने वाली टीम के रमन शैली ने बताया कि ‘पिंटू’ का उद्देश्य पहाड़ के उद्यमियों को सीधा बाजार देना है। हमने यह एप टेस्टिंग के लिए मई के महीने में उतारा था। सभी मानकों को पूरी तरह दुरुस्त करने के बाद यह एप लांच किया गया है। हमारी कोशिश ऐसे छोटे उत्पादकों को बाजार देने की है, जो तकनीक और मार्केटिंग की कमी के चलते लोगों तक नहीं पहुंच पाते। अगर उनके पास खाद्य विभाग के सैंपल टेस्टिंग का सर्टिफिकेट है तो उनका उत्पाद पिंटू पर आ सकता है। यदि कोई भी उत्तराखंड में किसी प्राकृतिक उत्पाद की खेती या संकलन कर रहा है वह तो पिंटू के माध्यम से सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकता है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

1 Comment

  • हमारा दिल्ली N. C. R में पहाडी फ्रेश स्टोर है, जिसमें पहाडी उत्पादों की उपलब्धता रहती है, आइये हम सब vocal से local की तरफ चलने का प्रयास करे और अपने बच्चों को पहाडी भोजन का आंनद से जिसमें कि ऑर्गेनिक फसलों का ही वयवस्था है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles