कुमाऊं में मौसम का कहर: 200 ग्राम तक के ओलों ने मचाई तबाही, वाहनों के शीशे और हेडलाइट टूटीं

कुमाऊं में मौसम का कहर: 200 ग्राम तक के ओलों ने मचाई तबाही, वाहनों के शीशे और हेडलाइट टूटीं

कुमाऊं मंडल के सीमांत जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी तबाही मचा दी। दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में 100 से 200 ग्राम तक वजनी ओले गिरने से वाहनों के शीशे, हेडलाइट और मकानों की खिड़कियों के कांच टूट गए। वहीं किसानों की साग-सब्जियों और फलों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद तेज बारिश के साथ बड़ी संख्या में विशालकाय ओले गिरे। ओलों का आकार और वजन इतना अधिक था कि सड़क पर चल रहे कई वाहनों के शीशे और हेडलाइट क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक हुई ओलावृष्टि से वाहन चालक सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। कई मकानों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए, जबकि खुले में दुकान लगाने वाले दुकानदार अपना सामान तक नहीं बचा सके।

जिले के कनालीछीना, डीडीहाट, थल, तेजम और मुनस्यारी क्षेत्रों में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि का असर देखा गया। मुनस्यारी के खलिया टॉप, बिटलीधार और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में घंटों तक ओले गिरते रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार इस तरह की ओलावृष्टि लंबे समय बाद देखने को मिली है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में भी शाम के समय मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसान अब नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

बागेश्वर जिले में भी तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ। बिजली लाइनों पर पेड़ और शाखाएं गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कपकोट के उच्च हिमालयी गांवों में भी भारी वर्षा के साथ ओले गिरने की सूचना है। हालांकि लंबे समय से जंगलों में धधक रही आग बारिश के बाद बुझ गई, जिससे वन विभाग और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

ओलावृष्टि से सबसे अधिक चिंता किसानों को है। फल उत्पादकों और सब्जी उत्पादकों का कहना है कि मौसम की इस मार से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। सेब, नाशपाती, आड़ू सहित कई फलों और मौसमी सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

इधर मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने शुक्रवार के लिए भी मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। प्रशासन भी संभावित आपदा से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है।

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