Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखण्ड में स्थापित होगा फायर सर्विस का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केन्द्रः धामी
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

उत्तराखण्ड में स्थापित होगा फायर सर्विस का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केन्द्रः धामी

भारत सरकार के डीजीएफएस डिस्क मेडल विजेता 2 अग्निशमन कर्मियों को किया सम्मानित
20 नए फायर टैण्डरों एवं अग्निशमन वाहनों को जन-जागरूकता के लिए हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया
27 हजार से अधिक मनुष्यों एवं लगभग 7 हजार पशुओं का जीवन भी बचाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फायर सर्विस का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जायेगा। शनिवार को यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने तृतीय ऑल इंडिया फायर सर्विस गेम्स के दौरान पदक जीतने वाले 7 एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार के डीजीएफएस डिस्क मेडल विजेता 2 अग्निशमन कर्मियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड फायर सर्विस में सम्मिलित 20 नए फायर टैण्डरों एवं अग्निशमन वाहनों को जन-जागरूकता के लिए हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अग्निशमन कर्मियों द्वारा दिखाए गए करतबों का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भीमताल, द्वाराहाट, गौचर, पुरोला और सहस्त्रधारा में जल्द ही नए फायर स्टेशन खोले जाने, उत्तराखण्ड में फायर सर्विस का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जाने एवं प्रयागराज में हुए महाकुंभ में ड्यूटी कर अपना कर्तव्य निभाने वाले उत्तराखण्ड फायर सर्विस के सभी कर्मियों को 10-10 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा के जवानों ने उत्तराखण्ड बनने से अब तक 53 हजार करोड़ रूपये से अधिक की संपत्तियों को आग से बचाया है। 27 हजार से अधिक मनुष्यों एवं लगभग 7 हजार पशुओं का जीवन भी बचाया है। अब महिलाएं भी उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा में फायर फाइटर के रूप में अपना योगदान दे रही हैं, जो सभी को गौरवान्वित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैण में फायर स्टेशन भवन का निर्माण करने के साथ ही 78 से अधिक आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। राज्य सरकार ने जनपद हरिद्वार के बहादराबाद फायर स्टेशन को भी स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप शासन स्तर पर फायर स्टेशनों की मैपिंग की जा रही है, जिसके बाद दूरस्थ क्षेत्रों में फायर स्टेशन खोले का सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अग्निशमन एवं आपात सेवा की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। बीते वर्ष केदारनाथ, टनकपुर, खटीमा, अराकोट और रैणी में आई आपदाओं में फायर सर्विस के कर्मचारियों ने लगन और समर्पण के साथ अपना कार्य किया। मुख्यमंत्री में कहा पिछले वर्ष वनाग्नि ने वन संपदा, वन्य जीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुँचा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा द्वारा नागरिकों को अग्नि से होने वाली क्षति के प्रति जागरूक करने के लिए राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जो कि सराहनीय है। उन्होंने कहा अग्निशमन सेवा, सबसे आवश्यक सेवाओं में से एक है। हमारे फायर फाइटर्स आग पर काबू पाते हैं एवं जानकृमाल की रक्षा भी करते हैं।
फायर सर्विस के जवान राहत एवं बचाव कार्यों एवं वनाग्नि नियंत्रण के साथ ही विभिन्न सामाजिक आयोजनों से लेकर राज्य के विभिन्न संस्थानों तक में अग्नि नियंत्रण तथा सुरक्षा व्यवस्था जैसी अनेकों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी चारधाम यात्रा के सफल एवं कुशल संचालन में भी अग्निशमन विभाग को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवि दत्त गोदियाल, अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग डॉ. गीता खन्ना, सचिव श्री विनोद कुमार सुमन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...