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उत्तराखंड से सुप्रीम कोर्ट में पहले जज बने जस्टिस पंत

Supreme-Courtउत्तराखंड मूल के और पूर्व में मेघालय के चीफ जस्टिस प्रफुल्ल चंद्र पंत को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के पद पर नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने पंत के नाम की संस्तुति की। सुप्रीम कोर्ट में उनका कार्यकाल तीन वर्ष से कुछ ज्यादा का रहेगा।

न्यायिक सेवा में प्रदेश ही नहीं देश में भी पंत का नाम शुमार है। अपने अब तक के न्यायिक सेवा में उनका अलग ही अंदाज रहा है।

जस्टिस पी सी पंत उत्तराखंड के पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में प्रोन्नत किया गया। पिथौरागढ़ के मूल निवासी पंत 1976 में न्यायिक सेवा में सलेक्शन हुआ था।

प्राईमरी व सेकेंडरी एजुकेशन पिथौरागढ़ से लेने के बाद उन्होंने इलाहाबाद विवि से बीएससी करने के बाद एलएलबी करके 1973 में लखनऊ उच्च न्यायालय से पंत ने प्रैक्टिस शुरू की।

Justice Prafulla Chandra Pantपिथौरागढ़ में जन्मे और पले-बढ़े पंत ने उत्तर प्रदेश न्यायायिक सेवा के 1976 बैच से अपना करियर शुरू किया था।

उत्तराखंड के गठन के बाद वे पहले सचिव (न्याय) रहे इसके बाद वे 2008 में नैनीताल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार व जस्टिस के पद पर भी रहे।

20 सितम्बर 2013 को उन्हें मेघालय के मुख्य न्यायधीश के रूप में नियुक्ति मिली। उन्होंने गाजियाबाद, पीलीभीत, रानीखेत, बरेली और मेरठ में भी सेवाएं दी है।

भारत सरकार की तरफ से उन्हें बेहतर सेवाओं के लिए वर्ष 2000 में सम्मानित भी किया जा चुका है।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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