विधानसभा चुनाव के प्रभाव से चीनी मिल भी अछूती नहीं है। क्षेत्र के किसान इन दिनों खेती किसानी छोड़ चुनाव में मशगूल हैं। नेताओं की रैली हो या प्रत्याशी का चुनाव प्रचार सब जगह उनकी पूछ है। ऐसे में स्थानीय किसान भी चुनाव घमासान में व्यस्त हो गए हैं। मिल को पर्याप्त गन्ना नहीं पहुंच पा रहा है। इसका सीधा प्रभाव मिल के उत्पादन पर पड़ा है। लक्सर शुगर मिल प्रधान, गन्ना प्रबंधक केके सिंह ने बताया कि मिल को क्षमता के अनुसार गन्ना नहीं मिल पा रहा है। मिल की पेराई क्षमता 75 से 80 हजार कुंतल प्रतिदिन है, लेकिन इसके सापेक्ष मिल को महज 50 से 60 हजार कुंतल गन्ना ही प्रतिदिन मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि चालू पेराई सत्र में मिल द्वारा अभी तक 41.25 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की गई है। उधर, सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन आजाद सिंह ने बताया कि मिल द्वारा 31 दिसंबर तक तक गन्ना भुगतान कर दिया गया है। भुगतान के रूप में 17 करोड़ 21 लाख रुपए के चैक समिति को जारी किए जा चुके हैं। जल्द ही गन्ना किसानों का भुगतान उनके खातों में पहुंच जाएगा।


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