– चेतना नेगी

पिथौरागढ़ के धारचूला में सुदूर स्थित जिस गांव तक पैदल पहुंचने में पांच-छह दिन लगते थे वहां अब यह सफर 17 मिनट तक सिमट आया है।
ये संभव हुआ है उत्तराखंड में संचालित हो रही हेलीटैक्सी सेवाओं से। यात्रा सीजन में इन सेवाओं के उपयोग में आई तेजी ने राज्य सरकार को एक मजबूत परिवहन विकल्प उपलब्ध कराया है।
हालांकि कई पर्यावरणविद इन सेवाओं का विरोध भी कर रहे हैं।
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