Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पर्यटन बढ़ाने के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी – प्रो. बागड़ी
उत्तराखंड न्यूज़

पर्यटन बढ़ाने के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी – प्रो. बागड़ी

IMG_273527 सितम्बर ‘विश्व पर्यटन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। पर्यटन एक ऐसी यात्रा है जो मनोरंजन या फुरसत के क्षणों का आनंद उठाने के उद्देश्यों से की जाती है। विश्व पर्यटन संगठन के अनुसार पर्यटक वे लोग हैं जो यात्रा करके अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाते हैं।

‘विश्व पर्यटन दिवस’ के अवसर पर हिमगिरी ज़ी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विभाग एवं होटल प्रबंधन विभाग द्वारा एक कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस. सी. बागड़ी ने किया। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण एक दूसरे पर निर्भर हैं। देश का ज्यादातर पर्यटन उन क्षेत्रों में होता है जो पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड आपदा का उदाहरण देते हुए कहा कि पर्यावरण से हो रही छेड़छाड़ को रोका जाना चाहिए एवं उसे संरक्षित किया जाना चाहिए। ऐसा करने से पर्यटन उद्योग को स्वतः ही बढ़ावा मिलेगा।

IMG_2563प्रो. बागड़ी ने होटल प्रबंधन एवं प्रबंधन के छात्र-छात्राओं से पर्यटन से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए एवं पर्यटन उद्योग की बारीकियों से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग पूरी तरह से पर्यटकों पर निर्भर है इसलिए इस व्यवसाय में आपके पास आने वाले पर्यटकों का स्वागत अतिथि देवोः भवः की परम्परा के साथ होना चाहिए।

इससे पूर्व प्रो. बागड़ी जी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। होटल प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सुबोध चैधरी एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. देवकांत काला ने स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने भी पर्यटन उद्योग के मौजूदा हालात और उद्योग को बढ़ावा देने हेतु अपने विचार भी रखे।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...