हिल-मेल ब्यूरो
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा ने नई राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि, हम सब मिलकर पीएम मोदी के एक नया भारत बनाने के सपने को पूरा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड पहले से ही स्कूली शिक्षा के लिए एक बेहतर स्थान है। लेकिन यहां चैतरफा विकास किया जाएगा और इसके लिए मैं संकल्पबद्ध हूं।
भाजपा की पुरानी नेत्री बेबी रानी मौर्य को बड़े अहम पद से नवाजा गया है। वह मारग्रेट आल्वा के बाद दूसरी महिला हैं जो उत्तराखंड की राज्यपाल बनी हैं।
राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, काबीना मंत्री प्रकाश पंत समेत कई मंत्री मौजूद रहे। यह कार्यक्रम राजभवन में आयोजित किया गया। राजभवन पहुंचने पर मुख्य सचिव और डीजीपी ने राज्यपाल का स्वागत किया। वहीं सेना जवानों ने भी उन्हें सलामी दी।
बेबी रानी मौर्य आगरा के बालूगंज में रहती हैं तथा वे 1995 से 2000 तक आगरा की महापौर रह चुकी हैं। 1997 में वह राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष रही। उस समय माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मोर्चा के अध्यक्ष थे। 2002 में वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रही। राज्यपाल बनने से पहले वह राष्ट्रीय परिषद एवं प्रदेश परिषद की सदस्य थी। उन्होंने एमए, बीएड तक शिक्षा ग्रहण की है।
बेबी रानी मौर्य का सामाजिक कार्यों में भी बड़ा लगाव हैं। वह 18 वर्ष से नव चेतना जागृति संस्था के माध्यम से दलित एवं पिछड़ी हुई महिलाओं के लिए जागरूकता एवं न्याय दिलाने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा बच्चियों की शिक्षा के प्रति जागरूक कराना तथा ‘सेवा भारती’ के माध्यम से गरीब बस्तियों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम भी चला रही हैं।
उन्हें सामाजिक कार्यांे के लिए 1996 में ‘समाज रत्न’, 1997 में ‘उत्तर प्रदेश समाज रत्न’ और 1998 में उन्हें ‘नारी रत्न’ से सम्मानित किया गया है।


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