“आज पनि झौं-झौ, भोल पनि झौं-झौं, पोरखिन त न्है जूंला” की गायिका हम सबको छोड़कर इस दुनिया से विदा हो गई।
मशहूर लोक गायिका कबूतरी देवी का आज पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कबूतरी देवी ने पर्वतीय लोक शैली को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया था। 70 के दशक में उन्होंने पहली बार पहाड़ के गांव से स्टूडियो पहुंचकर रेडियो जगत में अपने गीतों से धूम मचाई थी।
कबूतरी देवी ने आकाशवाणी के लिए करीब 100 से अधिक गीत गाए। उनके गीत आकाशवाणी के रामपुर, लखनऊ, नजीबाबाद और चर्चगेट, मुंबई के केन्द्रों से प्रसारित होते थे। कबूतरी देवी अपनी बेटी के साथ पिथौरागढ़ में रह रही थीं।


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