l̥राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भले ही निजी दौरे पर अपने पैतृक गांव पहुंचे हों लेकिन उन्होंने यहां भी समय निकालकर युवाओं को देशप्रेम का गुरुमंत्र दिया। वह इस दौरान यूथ फाउंडेशन से जुड़े युवाओं से मिले और उनका हौसला बढ़ाया। उत्तराखंड से बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल होकर देश सेवा में जाते रहे हैं। यूथ फाउंडेशन पिछले कुछ साल से उत्तराखंड के युवक और युवतियों के सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षित कर रहा है।
अजीत डोभाल पांच साल बाद परिवार के साथ पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे हैं। उनके साथ पत्नी अरुणी डोभाल, बेटा विवेक डोभाल व पुत्रवधु हैं। इससे पहले, एनएसए डोभाल ने अपनी यात्रा के लिए किसी तरह का राजकीय प्रोटोकॉल लेने से इनकार कर दिया था।


शनिवार सुबह उन्होंने अपनी कुल देवी बाल कुंवारी मंदिर में पूजा अर्चना की। उनके साथ उनकी पत्नी, बेटा विवेक और पोती मौजूद थे। एक साधारण व्यक्ति की तरह उन्होंने अपने गांव में समय बिताया। इस दौरान उन्होंने गांव में रिश्तेदारों हालचाल जाना।
पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद जून 2014 में वह अपनी कुलदेवी की पूजा में शामिल होने गांव आए थे। उस वक्त उन्होंने बताया कि वक्त की कमी के कारण वे गांव कम ही आ पाते हैं, लेकिन जल्द ही फिर गांव आएंगे। लेकिन कार्य की व्यस्तता की वजह से वे पांच साल बाद ही अपने गांव आ पाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की इस यात्रा को पूरी तरह निजी रखा गया है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने उत्तराखंड सरकार से किसी भी तरह का कोई सरकारी प्रोटोकॉल लेने से इनकार किया है। हालांकि केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का रैंक होने के साथ ही वह जेड प्लस सुरक्षा कैटेगरी में आते हैं।
अजीत डोभाल का जन्म वर्ष 1945 में घीड़ी गांव में हुआ था। कक्षा चार तक की शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में ली। इसके बाद अजमेर के सैनिक स्कूल में प्रवेश लिया। आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वह आईपीएस बने।
सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में बालकोट एयर स्ट्राइक तक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर बड़े फ़ैसले के पीछे अजीत डोभाल की रणनीति थी। पिछले पांच साल में राष्ट्रीय सुरक्षा पर अजीत डोभाल की जबरदस्त पकड़ की वजह से प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पांच साल का कार्यकाल दिया गया है। यही नहीं उन्हें कैबिनेट रैंक पर प्रोन्नत किया गया है। पिछली बार उनका कद राज्यमंत्री के बराबर था। पीएम मोदी के सबसे विश्वस्त माने जाने वाले एनएसए अजीत डोभाल देश के सबसे शक्तिशाली नौकरशाह हैं। उन्हें पीएम मोदी की नाक, कान और आंख कहा जाता है। यानी उन्हें पता होता है कि पीएम मोदी क्या चाहते हैं।


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