अजीत डोभाल पांच साल बाद परिवार के साथ पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे हैं। उनके साथ पत्नी अरुणी डोभाल, बेटा विवेक डोभाल व पुत्र वधु हैं। एनएसए डोभाल ने अपनी यात्रा के लिए किसी तरह का प्रोटोकॉल लेने से इनकार किया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पांच साल बाद अपने परिवार के साथ उत्तराखंड स्थित पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे। वह 21 जून शुक्रवार सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से पौड़ी जिले में मौजूद अपने गांव घीड़ी पहुंचें। इसके बाद एनएसए डोभाल ने शनिवार सुबह अपनी कुल देवी बाल कुंवारी मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी, बेटे, बहू और पोतियां मौजूद रहीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की इस यात्रा को पूरी तरह निजी रखा गया है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने उत्तराखंड सरकार से किसी भी तरह का कोई सरकारी प्रोटोकॉल लेने से इनकार किया है। हालांकि केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का रैंक होने के साथ ही वह जेड प्लस सुरक्षा कैटेगरी में आते हैं।
अजीत डोभाल पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद जून 2014 में अपनी कुलदेवी की पूजा में शामिल होने गांव आए थे। उस वक्त उन्होंने बताया था कि समय की कमी के कारण वे गांव कम ही आ पाते हैं लेकिन जल्द ही फिर गांव आएंगे।



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