उत्तराखंड की रहने वाली दो जुड़वा बहनों ने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहरा कर एक नया इतिहास रचा है। 21 वर्षीय सुश्री ताशी मलिक व सुश्री नुंगशी मलिक ने यह कारनामा 19 मई 2013 को किया। इस मौके पर इनके पिता वीरेन्द्र सिंह मलिक
उत्तराखंड की रहने वाली दो जुड़वा बहनों ने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहरा कर एक नया इतिहास रचा है। 21 वर्षीय सुश्री ताशी मलिक व सुश्री नुंगशी मलिक ने यह कारनामा 19 मई 2013 को किया। इस मौके पर इनके पिता वीरेन्द्र सिंह मलिक जो कि सेना से कर्नल सेवानिवृत हुए हैं उन्होंने कहा कि हमें अपनी बेटियों का गर्व है, जिन्होंने हमारा और हमारे देश का नाम रोशन किया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने दोनों बहनों को माउंट एवरेस्ट के सफलता पूर्वक पर्वतारोहण पर बधाई दी। उन्होंने मलिक बहनों के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। यह पहला मौका है जब दो जुड़वा बहनों ने माउंट एवरेस्ट पर फतह पाई है।
गौरतलब है कि 8 मार्च 2013 को महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जुड़वा बहनों सुश्री ताशी मलिक व सुश्री नुंगशी मलिक को माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहण के लिए रवाना किया था। मलिक बहनें इससे पहले जापान व अमेरिका आदि देशों में पर्वतारोहण कर चुकी हैं।
भारतीय सेना के प्रसिद्ध पर्वतारोही कर्नल अजय कोठियाल जो कि इस समय उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के प्रधानाचार्य है। उन्होंने भी इन दोनों जुडवा बहनों को पर्वतारोहण के गुर सिखाये। बीस वर्ष की सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने तीन बार सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया है। भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2012 में संचालित इंडियन आर्मी वुमेन एक्सपीडिशन का नेतृत्व भी कर्नल कोठियाल ने किया था।
हिलमेल ब्यूरो







Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *