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उत्तराखंड में कुदरत का कहर

उत्तराखंड में दैवीय आपदा ने जबरदस्त कहर बरपाया है। गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी जिले बारिश से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं, जबकि हरिद्वार और देहरादून के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। सड़कें, पुल, झूला पुल और संपर्क मार्ग कई जगहों

Kedarnathउत्तराखंड में दैवीय आपदा ने जबरदस्त कहर बरपाया है। गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी जिले बारिश से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं, जबकि हरिद्वार और देहरादून के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। सड़कें, पुल, झूला पुल और संपर्क मार्ग कई जगहों पर टूट गये हैं तथा कई गांवों का सम्पर्क दुनिया से कट चुका है तथा कई मकान नदियों में समा चुके हैं। सेना, आईटीबीपी, आपदा प्रबन्धन तथा राज्य सरकार इस विपदा से निपटने में लगी हुई है।

Picture20रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। केदारनाथ मंदिर और उसके आपसास के मकानों को भारी नुकसान हुआ है। केदारनाथ में आई इस विपदा में सैकड़ों लोगों के मरने की आंशका है और कई लोग अभी भी लापता बताए गये हैं। सड़क और पुल टूट जाने के कारण केदारनाथ आने जाने रास्ते में कई हजार तीर्थ यात्रियों के फंसे होने की आंशका है।

इस बीच केंद्र राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की 12 टीमें प्रभावित स्थलों की ओर रवाना कर दी हैं। इनमें से आठ टीम दिल्ली और चार भठिंडा (पंजाब) से भेजी गई हैं। कुमाऊं के अल्मोड़ा में मलबे की चपेट में आने से उत्तराखंड परिवहन की दो बसें खाई में गिर गई जिसमें पांच की मौत तथा तीस के घायल होने की खबर है। उत्तराखंड का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।

Picture26मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया प्रदेश में गत दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते दैवीय आपदा से प्रभावितों को हर सम्भव सहायता देने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। श्री विजय बहुगुणा के निर्देश पर सीमा सड़क संगठन एवं आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरा समन्वय बना हुआ है। दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं यात्रा मार्गों को खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन के मुख्य अभियन्ता को मुख्यमंत्री ने दूरभाष पर निर्देश दिये। उन्होने बताया कि जिलाधिकारी चमोली, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी और पौडी को निर्देशित किया गया है, कि वे सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों के साथ समन्वय कर यात्रा मार्गों को तत्काल आवागमन के लिए सुलभ करायें।

Picture40मुख्य सचिव ने बताया कि जगह-जगह सड़कों के बन्द होने से फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है और आवश्यकता पडने पर राज्य सरकार के हैलीकाप्टर तथा निजी कम्पनियों के हैलीकप्टरों को भी तैयार किया गया है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि यात्रा मार्गों पर खाद्यान एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय।

सुभाष कुमार ने उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों से पुनः अपील की है, कि वे मौसम को देखते हुए ही अपनी यात्रा का कार्यक्रम बनायें। उन्होने यात्रा मार्गों के बंद होने के साथ ही उनके खुलने का भी व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये हैं ताकि यात्रियों एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधाओं का सामना ना करना पडे।

– वाई एस बिष्ट

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