कुदरत के आगे किसका बस चलता है इसका नजारा हमें रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ में देखने को मिला। इसमें कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि 50 से अधिक लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। कई मकानों, गौशालाओं के साथ ही कई सिंचित व असिंचित
कुदरत के आगे किसका बस चलता है इसका नजारा हमें रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ में देखने को मिला। इसमें कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि 50 से अधिक लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। कई मकानों, गौशालाओं के साथ ही कई सिंचित व असिंचित भूमि तबाह हो गई। कुंड-ऊखीमठ मोटरमार्ग जगह-जगह ध्वस्त होने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। इस कारण जिला मुख्यालय से पहुंचे आपदा राहत दल को प्रभावित इलाके तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई।
पुलिस, सेना व आईटीबीपी के जवानों ने राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया था। बादल फटने से हुई तबाही के साथ ही क्षेत्र में सड़क, संचार, विद्युत, पेयजल सेवाएं ठप हो गई हैं। पिछले एक दशक के दौरान दूसरी बार इस कदर भीषण तबाही से लोग खौफजदा हैं।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस त्रासदी को बहुत दुखद बताया उन्होंने रुद्रप्रयाग जनपद में आपदा राहत के लिए जिला प्रशासन को फौरी तौर पर दस करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी जबकि बागेश्वर के लिए एक करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली से राहत और बचाव कार्य तेज करने के लिए नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम को भी बुलाया गया है इस टीम में 45 सदस्य हैं।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे। बादल फटते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। क्षेत्र में चारों ओर अगर कुछ सुनाई दे रहा था तो वह थी ग्रामीणों की चीख-पुकार। मूसलाधार बारिश व उसी दौरान बिजली गुल होने से कई लोग सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंच पाए।
जब अगले दिन कु
दरत का कहर दिखा तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। सूचना के अनुसार मंगोली में दस, प्रेमनगर में पांच, चुन्नी में 18, किमाणा (जुआ) में 11, ब्राताणखोली में चार, किमाणा (जुला) के निकट डंगवाड़ी में चार, गिरिया में तीन व पूर्ति विभाग के खाद्य गोदाम के चार नेपाली मजदूरों सहित कुल 49 लोग अकाल काल के गाल में समा गये।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिस व भूस्खलन के कारण प्रदेश के अनेकों स्थानों पर सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गये हैं। जिससे लोगों का काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
हिलमेल ब्यूरो







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