हिलमेल – (एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने का) वेबसाइट द्वारा 1 मार्च को ऋषिकेश में ‘केदारनाथ आपदा के बाद आगे का रास्ता’ विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गयी। हिलमेल के एक साल पूरा होने पर आयोजित इस गोष्ठी में केदारनाथ आपदा के
हिलमेल – (एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने का) वेबसाइट द्वारा 1 मार्च को ऋषिकेश में ‘केदारनाथ आपदा के बाद आगे का रास्ता’ विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गयी। हिलमेल के एक साल पूरा होने पर आयोजित इस गोष्ठी में केदारनाथ आपदा के आठ महीनों के हालात और केदारघाटी में हुए कार्यों की समीक्षा और विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आपदा से करीब 50 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरकार के अनुसार त्रासदी में करीब पांच हजार लोग हताहत हुए, जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। उन्होंने भविष्य में इस तरह की स्थितियों में जनधन हानि रोकने के लिए नदियों के किनारे निर्माण पर तत्काल रोक लगाने, आपदा प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की बहाली, प्रभावितों को स्थायी रोजगार देने, चारधाम यात्रा के साथ अन्य पर्यटन केंद्रों को विकसित करने पर जोर दिया गया।
गोष्ठी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार केदारघाटी में आई आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को मृतक आश्रित के रूप में नौकरी देने पर विचार कर रही है। आपदा में जिन लोगों के मकान तबाह हो गए हैं, उन्हें विस्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। खतरे की जद में आ रहे गांवों को मैदानी क्षेत्रों में बसाया जाएगा और आपदा पीड़ित परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग को 31 मार्च तक सुचारु कर दिया जाएगा और आपदा प्रभावितों को मुआवजा भी दिया जाएगा। परिवहन व्यवसायियों के नुकसान का आकलन कर उन्हें वीरचंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। इन लोगों को मैदानी क्षेत्रों में वन विभाग की जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके एवज में वन विभाग को ग्रामीणों की जमीन दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गोष्ठी में बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों की मरम्मत के लिए बीआरओ को फंडिंग कर दी गई है। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड से रामबाड़ा तक पैदल मार्ग निर्माण के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है, जो 15 अप्रैल तक कार्य पूरा कर देगी। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व डी.आई.जी जी.एस. मार्तोलिया करेंगे और उनके साथ नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल भी रहेंगे। इस टास्क फोर्स को पूरे अधिकार दिये गये हैं कि वह युद्धस्तर पर इन कार्यों को पूरा करे। रामबाड़ा से केदारनाथ तक एक सेक्टर में काम किया जा रहा है, जिसमें मार्ग के साथ यात्रियों के लिए सुरक्षित सरायों का निर्माण भी किया जाएगा। केदारनाथ मंदिर सीमा में रास्तों की मरम्मत के लिए बीकेटीसी को प्रस्ताव भेजा गया है।
गोष्ठी में आप पार्टी के नेता लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) टीपीएस रावत ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस दैवीय आपदा के लिए अनियोजित विकास व गलत नीतियों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने आगे कहा कि आपदा तो रोकी नहीं जा सकती लेकिन ऐसी आपदा में जान माल की कम से कम हानि हो इसके लिए हमें ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है। गोष्ठी में पूर्व पर्यटन मंत्री और बीजेपी नेता प्रकाश पंत ने कहा कि हमें अपने नेटवर्क संस्थानों को और अधिक मजबूत करना होगा जिससे कि जहां भी ऐसी दुघर्टनाएं होती हैं उसकी जानकारी हमें तुरन्त मिल सके और जैसे ही जानकारी प्राप्त हो उस स्थान तक जल्दी से जल्दी पहुंचा जाए और वहां पर राहत व बचाव कार्य प्रारम्भ किया जाए जिससे कि वहां के लोगों को जान मान का नुकसान कम हो। इसके अलावा नदी के किनारे पर भी मकानों का निर्माण न हो। गोष्ठी में वक्ताओं ने लोगों द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों के जवाब दिए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस गोष्ठी से जो भी रोडमैप निकलेगा सरकार उस पर आगे काम करेगी। गोष्ठी का संचालन हिलमेल के सदस्य सुशील बहुगुणा, अनुराग पुनेठा और मनजीत नेगी ने किया। इस कार्यक्रम को प्रायोजित करने में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और इंडियल आॅयल का अहम् योगदान रहा।
इस मौके पर हिलमेल द्वारा आपदा के दौरान केदारघाटी में काम करने वाले सेना, अर्द्धसैनिक बल, एनजीओ तथा कई अन्य लोगों सम्मानित किया गया। जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल, बीएसएफ के कमाण्डेंट राज कुमार नेगी, डीपीआईएम के प्रबंधक विनोद बछेती, समाजसेवी ब्रजमोहन उप्रेती, लता नेगी, हरी प्रसाद, बिक्रम सिंह और मनोज सेमवाल आदि शामिल हैं। इस मौके पर हिलमेल के संरक्षक एसएस कोठियाल ने हिलमेल के एक साल पूरा होने और एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने की सफलता पर सबको बधाई दी। इस मौके पर टीम हिलमेल के संपादक वाई एस बिष्ट, सदस्य प्रबोध उनियाल, मीडिया विशेषज्ञ डा. हर्ष डोभाल, डा. एसपी सती और जोगेंद्र राणा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
हिलमेल ब्यूरो
हिलमेल के एक साल पूरा होने पर आयोजित गोष्ठी की फोटो गैलरी
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