Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 230

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

केदारनाथ : कल, आज और कल !

उत्तराखंड लोक कला मंच की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में केदारनाथ पुनर्निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर निम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल, डीआईजी जीएस मार्तोलिया, एडीजी कोस्टगार्ड राजेंद्र सिंह और पत्रकार मनजीत नेगी को सम्मानित किया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी

10उत्तराखंड लोक कला मंच की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में केदारनाथ पुनर्निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर निम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल, डीआईजी जीएस मार्तोलिया, एडीजी कोस्टगार्ड राजेंद्र सिंह और पत्रकार मनजीत नेगी को सम्मानित किया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित केदारनाथ कल, आज और कल (आपदा विभीषिका के दो साल, क्या खोया क्या पाया।) विषय पर आयोजित गोष्ठी में कर्नल कोठियाल और उनकी टीम के कामों की सराहना की गई।

इस मौके पर केदारनाथ पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपना हुनर दिखाया। केदारनाथ की 10 सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग को राज्यभर के महत्वपूर्ण स्थलों पर लगाई जाएंगी। इस पेंटिंग प्रतियोगिता में 50 से भी अधिक बच्चों ने भाग लिया। इन बच्चों को दो श्रेणियांे में रखा गया था प्रथम श्रेणी में 6 से 10 साल और द्वितीय श्रेणी में 11 से 16 साल। इस पेंटिंग में जिन बच्चों ने प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया उनको उत्तराखंड लोक मंच की ओर से पुरूस्कृत भी किया गया।

इंडियन कोस्ट गार्ड के एडीजी श्री राजेन्द्र सिंहने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर उत्तराखंड से बाहर रहने वाले सभी प्रवासियों को हर साल अपने बच्चों को लेकर अपनी जन्मभूमि में जाना चाहिए। अपने बच्चों को गांव के बच्चों के साथ मिलाना चाहिए ताकि गांव के बच्चे और यहां के बच्चे अपने-अपने  पहचाने। सभी बच्चोें को एक दूसरे के साथ दोस्ती करनी चाहिए तथा प्रवासी बच्चों को उनके स्कूलों में भी जाना चाहिए और देखना चाहिए कि यहां की स्कूल में और उनके स्कूलों में कितनी विभिन्नता है। गांव के बच्चे और आपके बच्चे जब आपस में बातचीत करेंगे तो वह अपना नम्बर भी एक दूसरे को देंगे और जब इन बच्चों के बीच आपस में सम्बन्ध बनेगा तभी ये बच्चे एक दूसरे को यहां वहां की जानकारी देंगे और तभी तो इनके बीच भावनाओं का आदान प्रदान होगा और तभी यही बच्चे एक दूसरे के अच्छे मित्र साबित होंगे। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने बच्चों को अपनी मातृभूमि की सैर नहीं करायेंगे तो उनको कैसे पता चलेगा कि हमारा उत्तराखंड कैसा है। प्रवासी उत्तराखंड को पहाड़ी उत्तराखंड से जोड़ने की जरुरत है।

5निम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल ने अपने सम्बोधन में कहा है कि केदारनाथ का पुनर्निर्माण उत्तराखंड की ताकत की दर्शाती है। युवाओं ने आपदा के बाद केदारनाथ की चुनौतियों को स्वीकार किया और पुनर्निर्माण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने केदारनाथ आपदा और उसके बाद हुए कामों से प्रवासियों को रूबरू कराया। साथ ही भविष्य की प्लानिंग भी बताई। उन्होंने कहा कि आज रिवर्स पलायन की आवश्यकता है।

जो लोग उत्तराखंड से बाहर हैं, उन्हें अपनी माटी के प्रति भी प्रेम होना चाहिए। अपने गांव के विकास में उनका भी अमूल्य योगदान होना चाहिए। कर्नल कोठियाल ने कहा कि हमें हिम्मती बनना है। चुनौतियों से घबराना नहीं है। बल्कि डटकर मुकाबला करना है। उन्होंने सेना के अपने अनुभव भी साझा किये और कहा कि एक फौजी का लक्ष्य सिर्फ अपनी देश की रक्षा करना होता है। इसके लिए वह अपनी जान की बाजी तक लगा देता है। उन्होंने सैकड़ो की संख्या में मौजूद उत्तराखण्ड के प्रवासियों से कहा कि सभी लोग मिलजुलकर काम करें। एक-दूसरे का हाथ बढ़ाए। कदम से कदम मिलाकर चलें। तभी हम विकास के पथ पर आगे बढ़ सकते है।

युवाओं में सबसे बड़ी ताकत होती है। युवाओ की ताकत के बलबूते ही उत्तराखंड अपने पैरो पर खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आओ सभी मिलकर उत्तराखंड के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने सभी लोगों को केदारनाथ आने का भी न्योता दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें केदारनाथ पर आधारित बच्चों की पेंटिंग बहुत पसंद आई। पेंटिंग के जरिये बच्चों ने केदारनाथ का सजीव वर्णन किया है। टॉप 10 पेंटिंग को केदारनाथ में स्थित गेस्ट हाउस, निम के वीआईपी गेस्ट हाउस समेत अन्य विशेष स्थानों पर फ्रेमिंग के साथ लगाई जायेगी।

12डीआईजी जीएस मार्तोलिया ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग उत्तराखंड के दूर दराज के इलाकों में काम नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि हर कोई शहरों की ओर आना चाहता है अगर सभी शहरों की ओर पलायन करंेगे तो गांव के गांव खाली हो जायेंगे। उन्होंने एक स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि एक स्कूल में चार अध्यापक हैं और जब स्कूल का दौरा किया गया तो पाया गया कि स्कूल में दो ही अध्यापक मौजूद थे। जब उन दो अध्यापकों से पूछा गया कि अन्य अध्यापक कहां हैं तो उन्होंने कहा कि दो अध्यापक नहीं आये हैं। जब जानकारी ली गई कि ये अध्यापक कहां कहां के हैं तो पता चला कि जो दो अध्यापक नहीं आये थे वह नजदीक ही के थे जब कि जो अध्यापक आये थे वह दूर इलाके के थे। जब हमारे अध्यापक ऐसे करेंगे तो हमारे बच्चों का भविष्य कैसे होगा ? ये तो आप सब लोग भली भांति जानते हैं।

हरिद्वार में 2016 में जो अर्द्ध कुम्भ मेला होना है उसको सफल बनाने का जिम्मा डीआईजी मार्तोलिया को सौंपा गया है उन्होंने इस मंच के माध्यम से लोगों से कहा कि इस मेले में आइये और अर्द्ध कुम्भ मेले का भरपूर आनन्द उठायेगा।

इस मौके पर लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती और सचिव लक्ष्मी रावत ने कहा कि केदारनाथ एक बार फिर अपने पैरो पर खड़ा हो गया है। इसका श्रेय कर्नल अजय कोठियाल और उनकी पूरी टीम को जाता है। जिन्होंने दिन-रात एक कर विषम परिस्थिति में काम किया। आज केदारनाथ की यात्रा पटरी पर लौट गई है, तथा इस साल तीर्थयात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

हिलमेल ब्यूरो

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this