उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केदारनाथ समेत चार धाम यात्रा के सुचारू रूप से आरम्भ होने में उत्तराखंड में रहने वालों के साथ ही प्रवासी उत्तराखंडवासियों की भी अहम भूमिका है। हरीश रावत ने दिल्ली समेत तमाम महानगरों में रहने वाले प्रवासी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केदारनाथ समेत चार धाम यात्रा के सुचारू रूप से आरम्भ होने में उत्तराखंड में रहने वालों के साथ ही प्रवासी उत्तराखंडवासियों की भी अहम भूमिका है। हरीश रावत ने दिल्ली समेत तमाम महानगरों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों से पहाड़ों में अपनी जड़ों की तरफ लौटने की अपील की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों को पहाड़ की ओर लौटने के लिए एक ऑफर भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर आप अपने गाँव में स्कूल जैसे किसी निर्माण में सहयोग देते हैं तो आपको सरकार की तरफ से 12 फीसदी ब्याज मिलेगा।
जून में केदारनाथ आपदा को दो साल पूरे होने जा रहे हैं इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हरीश रावत नई दिल्ली स्थित काॅंन्सटीट्यूशनल क्लब में हिलमेल द्वारा ‘‘केदारनाथ का पुनर्निर्माण और उत्तराखंड का नव निर्माण’’ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होने हिलमेल स्मारिका का भी विमोचन किया और केदारनाथ के पुनर्निर्माण से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति खेती बाड़ी या बागवानी करना चाहता है तो उसे सरकार की ओर से मदद दी जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पेड़ लगाए और लगातार तीन साल तक उन पेड़ों की देखभाल करता रहे तो उसको सरकार की ओर से प्रति पेड़ के हिसाब से पैसे दिये जायेंगे। लोगों के सवालों का जवाब देते हुए हरीश रावत ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का कोई सवाल छूट गया हो तो वह लिखित रूप में श्री मनजीत नेगी को दे दें या हिलमेल बेबसाइट के माध्यम से भी भेज सकते हैं। आप लोगों का
जो भी सवाल होगा वह उन तक पहुंच जायेगा।
राज्य के अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने गोष्ठी में आये प्रवासी उत्तराखंडियों के सामने केदारनाथ का पुनर्निर्माण और उत्तराखंड का नव निर्माण का खाका पेश किया और लोगों द्वारा पूछे गये सवालांे के जवाब भी दिये। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए किफायती दरों पर लोगों के लिए हेलीकाॅप्टर सेवा मुहैया करायी जायेगा, इसके लिए कई जगहों पर हैलीपैड बनाये जा रहे हैं।
कार्यक्रम के संयोजक मनजीत नेगी ने बताया कि हिलमेल वेबसाइट पिछले दो वर्षो से लगातार हिमालय में घटने वाली हर सामाजिक, आ
र्थिक और राजनीतिक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचा रही है। इसके साथ ही पहाड़ से जुडे़ मुद्दों को भी वेबसाइट के माध्यम से आमजन तक पहंचाने का काम किया जा रहा है। हिलमेल से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार सुशील बहुगुणा ने बताया कि पिछले दो साल में केदारनाथ आपदा और उसके सबक को लेकर हिलमेल ने लगातार जनजागरण का काम किया है।
इस विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में कहा कि पहाड़ से दूर रहना उनको अच्छा नहीं लगता है लेकिन क्या करें नौकरी के दौरान अक्सर पहाड़ से दूर रहना पड़ता है। उन्होंने विचार गोष्ठी में कहा कि वह अपने उत्तराखंड के लिए कुछ जरूर करना चाहते हैं।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाले प्रवासी उत्तराखंड नागरिकों को हिलरत्न सम्मान से सम्मानित किया। हिलरत्न से सम्मानित होने वालों में केदारनाथ में पुनर्निर्माण की जिम्म्मेदारी संभाल रहे कर्नल अजय कोठियाल और उनकी टीम, कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल, आईजी एस एस कोठियाल सेवानिवृत्त बीएसएफ, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जी एस बिष्ट, नौसेना के रियर एडमिरल ओपीएस राणा और वायुसेना के डी एस रावत, केदारनाथ में हेलीकॉप्टर पायलट कर्नल रणजीव लाल और दिल्ली पुलिस में एसीपी सतीश शर्मा शामिल हैं।
– वाई एस बिष्ट, सम्पादक, हिलमेल








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