जम्मू में सीमापार से गोलाबारी के बीच आजतक की टीम ने लाइन ऑफ कंट्रोल पर फॉरवर्ड पोस्ट का एक्सक्लूसिव जायजा लिया जहां से पाकिस्तान की पोस्ट मात्र 150 मीटर पर मौजूद है। दिन और रात के वक्त निगरानी के दौरान इस फॉरवर्ड पोस्ट पर पाकिस्तान
जम्मू में सीमापार से गोलाबारी के बीच आजतक की टीम ने लाइन ऑफ कंट्रोल पर फॉरवर्ड पोस्ट का एक्सक्लूसिव जायजा लिया जहां से पाकिस्तान की पोस्ट मात्र 150 मीटर पर मौजूद है। दिन और रात के वक्त निगरानी के दौरान इस फॉरवर्ड पोस्ट पर पाकिस्तान के तरफ से कई बार छोटे हथियारों से फायरिंग की गयी। अखनूर में सेना की इस फॉरवर्ड पोस्ट में सेना की इन तैयारियों को देखकर हमारे लिए अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था कि केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिलने से सेना ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। जम्मू में बीएसएफ ने जवाबी फायरिंग का जो नजारा पाकिस्तान को दिखाया वो तो ट्रेलर है पूरी पिक्चर तो अभी सेना के पास बाकी है। लाइन ऑफ कंट्रोल पर बंकर के अंदर बने कंट्रोल रूम में हमनें पाकिस्तान की तरफ से लाइव घुसपैठ देखी। सेना के जवान नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर की मदद से लगातार घुसपैठ पर नजर रख रहे हैं।
जम्मू में सीमापार से की जा रही गोलाबारी का मुँहतोड़ जवाब दिए जाने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश बेनकाब हो चुकी है। एक तरफ पाकिस्तान जम्मू में अंतराष्ट्रीय सीमा पर बसे गाँव को निशाना बना रहा है तो दूसरी तरफ लाइन ऑफ कंट्रोल पर 2000 से ज्यादा खूंखार आंतकी घुसपैठ की फिराक में हैं। गोलाबारी के बीच आजतक की टीम ने लाइन ऑफ कंट्रोल पर फॉरवर्ड पोस्ट का जायजा लिया जहां से पाकिस्तान की पोस्ट मात्र 150 मीटर पर मौजूद है। यहां सेना के जवान हाथों में रॉकेट लॉन्चर जैसे बड़े हथियार लेकर दुश्मन पर निशाना साध रहे हैं। हमनें जम्मू से 100 किलोमीटर दूर अखनूर में पाकिस्तान से लगने नियंत्रण रेखा पर सेना के जवानों के साथ एक दिन और रात पेट्रोलिंग की।
हमनें अपना सफर जम्मू से शुरू किया। हमारा मिशन पाकिस्तान से लगने वाली लाइन ऑफ कंट्रोल पर मौजूद सेना की अग्रिम चैकियों तक जाना था। यहां पहुंचकर हमनें देखा कि भारतीय सेना अखनूर की इन ऊँची पहाड़ियों पर पाकिस्तान पर पूरा दबाव बनाये हुए है। सामने पाकिस्तान का छम्ब और सियालकोट का इलाका है। यहां हर ऊँची छोटी पर भारतीय सेना के जवान पाकिस्तानी सेना की चैकियों को निशाना बना रहे हैं लेकिन पाकिस्तान कहाँ बाज आने वाला मौका मिलते वो फायरिंग की आड़ में घुसपैठ की कोशिश करता है। ऐसे में जवान दिन और रात नियंत्रण रेखा पर पूरी मुस्तैदी के साथ निगरानी कर रहे हैं। क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी के हालात हर वक्त बने रहते हैं। आजतक संवाददाता मनजीत नेगी और कैमरामैन प्रदीप गुप्ता सेना की एक घातक प्लाटून के साथ सरहद पर लगी फेंसिंग के साथ निगरानी पर निकले। इस मिशन में खतरा काफी बड़ा था सामने 150 मीटर से लेकर 700 मीटर की रेंज से दुश्मन कभी फायरिंग कर सकता है लेकिन जब साथ में सेना बहादुर जवान हों तो डर कुछ कम हो जाता है।
जैसे ही ऊँची पहाड़ी पर मौजूद एक निगरानी चैकी पर पहुंचे एक बोर्ड नजर आया आप दुश्मन की नजर में हैं। इस पोस्ट पर तैनात जवान हमें बार बार सामने पाकिस्तान की पोस्ट से फायरिंग होने की चेतावनी दे रहे थे तभी एक पटाखा फटने की आवाज आई पता चला कि पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियार से फायरिंग की है। सरहद पर मोर्चे कई तरह के हैं। कुछ जवान बंकर के अन्दर से निगरानी कर रहे हैं तो कुछ जवान ऊँचें पोस्ट से दुश्मन पर नजर रख रहे हैं। हर जवान आधुनिक हथियारों और निगरानी यंत्रों से लैस है। गर्मी, बारिश, कड़ाके की ठंड हर तरह के मौसम में तैनात इस जवान को कोई चिंता नहीं है। इसका एक ही लक्ष्य है कि सरहद के उस पार से कोई दुश्मन हमारी सीमा को न लांघ सके। हमनें देखा कि किस तरह लाइन ऑफ कंट्रोल पर सेना के जवान पाकिस्तान की हर गोली का मुहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
अखनूर में सेना की इस फॉरवर्ड पोस्ट में सेना की इन तैयारियों को देखकर हमारे लिए अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिलने से सेना ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। अगर पाकिस्तान इस बार अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाय। यहां तैनात हर जवान और अधिकारी इस बात की तस्दीक भी कर रहा था। सेना ने अपनी अग्रिम चैकियों पर रॉकेट लॉन्चर से लेकर छोटी बड़ी सभी तरह आर्टिलरी गन तैनात की हैं। सुरक्षा के नजरिये से सेना के इस खुफिया प्लान को बताना उचित नहीं है लेकिन पाकिस्तान के लिए इशारा ही काफी है। जम्मू में बीएसएफ ने जवाबी फायरिंग का जो नजारा पाकिस्तान को दिखाया वो तो ट्रेलर है पूरी पिक्चर तो अभी सेना के पास बाकी है।
रात होते ही पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ का सच भी सामने आ गया। रात के वक्त अग्रिम चैकियों पर निगरानी का सिलसिला और तेज हो जाता है। फेंसिंग के साथ निगरानी के साथ ही नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर से निगरानी की जा रही है। बंकर के अंदर बने कंट्रोल रूम में हमनें देखा कि पाकिस्तान की पोस्ट में कुछ हरकत हो रही है। सेना के जवान नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर की मदद से लगातार इस टारगेट पर नजर रख रहे हैं। कोई भी और हरकत होने पर उस पर गोली चला दी जायेगी। पाकिस्तान की तरफ से ये घुसपैठ की कोशिश काफी देर तक चली रही लेकिन बाद में जैसे ही भारतीय पोस्ट के जवान हरकत में आये ये कोशिश नाकाम हो गयी।
रात के वक्त सेना की घातक प्लाटून के जवान पूरी तरह से सजग होकर आगे बढ़ रहे थे। पेट्रोलिंग टुकड़ी बड़ी सावधानी के साथ आगे बढ़ रही थी क्योंकि अब हम दुश्मन के निशाने पर थे। तभी अचानक फेंसिंग की दूसरी तरफ कुछ हरकत होने पर जवानों ने अपनी अपनी पोजीशन संभाल ली। काफी देर तक इसी हालात में रहने के बाद जवान फिर से सजग हो गए। सरहद पर तैनात इन जवानों को कोई चिंता नहीं है। इनका एक ही लक्ष्य है कि सरहद के उस पार से कोई दुश्मन हमारी सीमा को न लांघ सके। सरहद पर निगरानी का ये सिलसिला यूँ ही पूरी रात और दिन चलता है। गलती के लिए कोई जगह नहीं है। इन जवानों को बस अपने कम्पनी कमांडर की हिदायत याद है कि सरहद पर हालात गर्म हैं। दुश्मन इसका फायदा उठा सकता है। ऐसे में ज्यादा चैकन्ना रहने की जरुरत है।
खुफिया रिपोर्ट की माने तो जम्मू कश्मीर चुनावों में बड़ी गड़बड़ी फैलाने के लिए सीमापार आतंकियों ने खास रणनीति बनाई है। अब तक पीर पंजाल के दक्षिण से घुसपैठ को अंजाम देते थे जो प्राकृतिक लिहाज से अधिक सुगम है। हालांकि, इन कोशिशों में आतंकवादी पुंछ व राजौरी के इलाके में मारे जाते रहे हैैं। वहीं उत्तरी पील पंजाल की दुश्कर पहाड़ी इलाका विषमताएं उन्हें भारी पड़ती थी। ऐसे में कुछ आतंकी शिविरों को उत्तरी इलाके में पहुंचाकर पाक स्थित आतंकी आकाओं की कोशिश बड़ी संख्या में आतंकवादियों को भेजने की है। सीमा पार अब भी 42 आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर सक्रिय हैं और 2000 से ज्यादा खूंखार आंतकी घुसपैठ की फिराक में हैं।
– लेखक आजतक के वरिष्ठ रक्षा संवाददाता हैं।







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