गढ़वाल स्काउट्स अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके पर शहीदों को श्रृद्धासुमन अर्पित किए गए तथा गोल्डन जुबली जर्नल का अनावरण भी किया गया। सेना की गढ़वाल स्काउट्स बटालियन के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती वर्ष को समारोहपूर्वक मनाया गया। गढ़वाल
गढ़वाल स्काउट्स अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके पर शहीदों को श्रृद्धासुमन अर्पित किए गए तथा गोल्डन जुबली जर्नल का अनावरण भी किया गया। सेना की गढ़वाल स्काउट्स बटालियन के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती वर्ष को समारोहपूर्वक मनाया गया।
गढ़वाल स्काउटस का गठन र्थड बार्डर स्काउटस के रूप में 8 अप्रैल 1964 को कोटद्वार में किया गया। बाद में इसे गढ़वाल स्काउट्स नाम दिया गया।
इस अवसर पर कर्नल आफ द गढ़वाल राइफल्स एंड गढ़वाल स्काउट्स के मेजर जनरल शरत चंद्र, गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग आफीसर कर्नल लोकेश कुमार, सेनि. ब्रिगेडियर एआईएस ढिल्लन, आनरेरी कैन्टन केडी कुनियाल एवं स्काउट्स बटालियन के सूबेदार मेजर हरीश सिंह रावत व अन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रृद्धासुमन अर्पित किये।
दो दिवसीय स्वर्ण जंयती समारोह के मौके पर बड़ी संख्या में सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारीगण, कनिष्ठ अधिकारी व अन्य पद और उनके परिवारजन शामिल हुए।
इन पचास वर्षो में गढ़वाल स्काउटस ने युद्ध एवं शांति के क्षेत्र में अनेक सराहनीय कार्य किये हैं। बटालियन के उत्कृष्ठ कार्य के लिए वर्ष 2012 में जनरल आफीसर कमांडिग-इन चीफ मध्य कमान द्वारा यूनिट प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया।
जून 2013 में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए बटालियन को थल सेनाध्यक्ष द्वारा भी यूनिट प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया।
इन पचास वर्षो के अंतराल में गढ़वाल स्काउटस बटालियन को उत्कृष्ठ कार्य के लिए 217 सम्मान व पुरस्कार मिले हैं, जिनमें कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, सेना मेडल, विशिष्ठ सेवा मेडल, थल सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र, जनरल आफीसर कमांडिग इन चीफ प्रशंसा पत्र, जीवन रक्षा पदक व मैशन-इन डिस्पैच शामिल हैं।
स्वर्ण जंयती वर्ष पर विशेष सैनिक सम्मेलन के अलावा सेना डाक कोर द्वारा विशेष कवर का भी अनावरण किया गया।
हिलमेल ब्यूरो







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