मुख्यमंत्री हरीश रावत, केन्द्रीय राज्य पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा, उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने दीप प्रज्जवलित कर टिहरी झील साहसिक पर्यटन उत्सव एवं निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजीव गांधी साहसिक खेल अकादमी, फ्लोटिंग मरीना (रेस्टोरेंट), यात्री एवं
मुख्यमंत्री हरीश रावत, केन्द्रीय राज्य पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा, उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने दीप प्रज्जवलित कर टिहरी झील साहसिक पर्यटन उत्सव एवं निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजीव गांधी साहसिक खेल अकादमी, फ्लोटिंग मरीना (रेस्टोरेंट), यात्री एवं मालवाहक बार्ज का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने टिहरी के साथ विकसित उत्तराखण्ड का सपना देखा है। उन्होंने निवेशक सम्मेलन में आये निवेशकों से आह्वान किया कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। राज्य सरकार का प्रयास पर्यटन को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़ना है। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बेहतर ढंग से और कैसे किया जा सकता है, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जा रहा है।
हरीश रावत ने कहा कि हमे प्रदेश में मजबूत सहभागिता विकसित करनी होगी, स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित गतिविधियों को संचालित करना होगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन, जिला पंचायत व पर्यटन विभाग मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाये, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाएं है। प्रदेश में वाटर स्पोर्ट, एडवंेचर टूरिज्म, माउंटेनियरिंग आदि क्षेत्र है, जहां पर ठोस कार्ययोजना बना कर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड आज देश-दुनिया में साहसिक खेलों के लिए अपनी अलग पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय राज्य पर्यटन मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके द्वारा राज्य की पर्यटन योजनाओं के लिए सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नये पर्यटन सर्किटों के लिए भी योजना बना रही है, जिसके लिए केन्द्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से हिमालय दर्शन योजना शुरू की गई है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में जिस प्रकार से कार्य किया जा रहा है, उससे आगामी एक दो वर्ष में उत्तराखण्ड विश्व के पर्यटन मानचित्र में नये आयाम स्थापित करेगा। इस वर्ष चारधाम यात्रा में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु आये और सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्ष इससे अधिक संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा में आये।
इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश की पर्यटन योजनाओं को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्य की पर्यटन योजनाओं के लिए 80 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है, जबकि 60 करोड रुपये की धनराशि शीघ्र ही जारी की जायेगी। राज्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और यहां से पलायन रूकेगा।
राज्य के पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि टिहरी झील के विकास से ही हम टिहरी क्षेत्र के विस्थापितों के दर्द को कम करने का काम कर सकते है। टिहरी झील विकास का पर्याय बने, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े। पलायन को रोकने और टिहरी झील के विकास के लिए जरूरी है कि यहां बड़े निवेशक आये। इसके लिए प्रयास किये जा रहे है। आज का यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।
उत्तराखण्ड में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं है राज्य में वाटर स्पोर्ट, एडवंेचर टूरिज्म, माउंटेनियरिंग आदि ऐसे कई क्षेत्र है, जहां पर अगर ठोस कार्ययोजना बना कर कार्य किया जाये तो राज्य को एक नई दिशा मिल सकती है तथा राज्य की आर्थिक स्थिति भी सुधर सकती है।
– हिलमेल ब्यूरो







Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *