भले ही केदारनाथ मंदिर के कपाट नवम्बर महीने में बंद हो गये हो लेकिन अब यहां पर पयर्टकों को आक्रर्षित करने के लिये योजना बनाई जा रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो केदारनाथ में ट्रैकिंग और स्कीइंग शुरू किया जा सकता है। अभी
भले ही केदारनाथ मंदिर के कपाट नवम्बर महीने में बंद हो गये हो लेकिन अब यहां पर पयर्टकों को आक्रर्षित करने के लिये योजना बनाई जा रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो केदारनाथ में ट्रैकिंग और स्कीइंग शुरू किया जा सकता है।
अभी फरवरी के अंतिम सप्ताह में डिजास्टर प्रीपरेशन एंड एडवेंचर वीक के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ तक तीन दिवसीय ट्रैकिंग के तहत 22 सदस्यीय दल केदारनाथ से लौट आया है। केदारनाथ से सोनप्रयाग लौटने पर दल का भव्य स्वागत किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आशीष सेमवाल के नेतृत्व में दल में जीएमवीएन, आपदा व अन्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। दल ने केदारनाथ के अलावा गांधी सरोवर और चैराबाड़ी ताल का भी जायजा लिया। सेमवाल ने बताया कि केदारनाथ से ऊपरी क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।
इस टीम के सदस्यों ने बताया कि केदारनाथ धाम का पैदल मार्ग पहले की तुलना में अब काफी सुरक्षित है। यात्रा मार्ग में यात्रियों के लिये जगह-जगह पर पेयजल स्टैंड पोस्ट व शौचालय बनाए गए हैं। वही रहने के लिये पड़ावों पर हट और काटेज भी बनाए है जिससे कि यात्रियों को रहने में कोई दिक्कत न आ सके।
अभी हाल ही में निम के ट्रैकिंग दल ने भी चैराबाड़ी ताल का जायजा लिया। इससे केदारनाथ में स्कीइंग और ट्रैकिंग को बढ़ाया मिलेगा जिससे कि यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढेगी।
हिलमेल ब्यूरो







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