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देहरादून में भी मनाया गया सर्जिकल स्ट्राइक का जश्न

हिल-मेल ब्यूरो सीमा पर देश की रक्षा में तैनात सैनिकों की वीरता का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने 29 सितंबर 2016 को सीमापार जाकर आतंकियों पर हमला बोलने के दिन को सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक डे के

हिल-मेल ब्यूरो

सीमा पर देश की रक्षा में तैनात सैनिकों की वीरता का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने 29 सितंबर 2016 को सीमापार जाकर आतंकियों पर हमला बोलने के दिन को सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक डे के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस वर्ष सेना के जवानों के साहस, वीरता और बलिदान को दर्शाने के लिए 28 से 30 सितंबर तक ‘पराक्रम पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 सितंबर को जोधपुर स्थित कोणार्क स्टेडियम में ‘पराक्रम पर्व’ का उद्घाटन किया और युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सर्जिकल स्ट्राइक की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री ने सैन्य बलों के लिए तीन स्पेशल डिवीजनों के गठन को मंजूरी दे दी है। ये डिवीजन स्पेस, साइबर और स्पेशल फोर्सेस से संबंधित ऑपरेशन संभालेंगी। तीनों सेनाओं की यह मांग दस साल से लंबित पड़ी थी। इन तीनों एजेंसियों का नेतृत्व सेना के मेजर जनरल और नौसेना एवं वायुसेना में उनके समकक्ष अधिकारी इन फॉर्मेशन की जिम्मेदारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने को कैनाल रोड देहरादून स्थित एक स्थानीय फार्म हाउस में सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह ‘‘पराक्रम पर्व’’ में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित एनसीसी कैडेटस को सम्मानित किया तथा युवा कैडेटस का उत्साहवर्द्धन किया।

त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि दो वर्ष पूर्व 29 सितम्बर को भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक किया तथा 38 आंतकी घुसपैठियों को समाप्त किया। यह एक बड़ा साहसिक निर्णय व कार्य था। प्रधानमंत्री व देश को अपने सैनिकों की अदम्य क्षमता, साहस, पराक्रम, आत्मबल व वीरता पर अटूट विश्वास था। हम कूटनीतिज्ञ क्षेत्र में भी सफल रहे। प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देश को स्पष्ट संदेश दिया कि बातचीत व बंदूक साथ-साथ नही चल सकती। हम अपने वीर जवानों को बधाई व शुभकामनाएं देते है व उनके साहस व वीरता को सलाम करते है। हम कश्मीर समस्या के समाधान की ओर बढ़ रहे है। जहां एक ओर सेना देश रक्षा का कर्तव्य निभा रही है, आम जन को सेना का मनोबल बढ़ाना चाहिए।

सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर राजधानी देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह ग्राउंड में पराक्रम पर्व का आयोजन किया गया। सेना की 69वीं माउंटेन ब्रिगेड ने पराक्रम पर्व का आयोजन किया। जिसमें सेना के मिलिट्री बैंड ने परफॉर्म किया। सेना के हथियारों एवं युद्ध उपकरणों को आम जनता के लिए प्रदर्शित किया गया था।

एनडीए, सीडीएस, एअरफोर्स, नेवी, में जाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र भी भारतीय सेना के शौर्य गाथा को देखने पहुंचे। यह छात्र सेना में जाने का प्रशिक्षण ले रहे है। पराक्रम गाथा व सैनिक उपकरणों को देखकर बहुत उत्सहित नजर आये। सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर छात्रों को मूवी क्लिप दिखाई भी दिखाई गई। इसके साथ ही कैनवास के माध्यम से जनता के संदेशों का संग्रह भी किया गया। जिसे सीमा पर तैनात जवानों को भेजा जाएगा। इस मौके पर पहुंचे सभी लोग सेना का उत्साह बढ़ाने के साथ ही जोश से लबरेज नजर आए। सभी ने कहा कि उन्हें गर्व है अपनी भारतीय सेना पर और हमेशा रहेगा।

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