हिल-मेल ब्यूरो, गैरसैंण उत्तराखंड दूसरे राज्यों की तुलना में आकार में बेशक छोटा है, लेकिन उसके सपने छोटे नहीं है। पलायन के दर्द से जूझ रहा यह पर्वतीय राज्य कृषि, औद्योगिक और पावर सेक्टर के कठिन दौर से गुजर रहा है। हालांकि इस बार जनता
हिल-मेल ब्यूरो, गैरसैंण
उत्तराखंड दूसरे राज्यों की तुलना में आकार में बेशक छोटा है, लेकिन उसके सपने छोटे नहीं है। पलायन के दर्द से जूझ रहा यह पर्वतीय राज्य कृषि, औद्योगिक और पावर सेक्टर के कठिन दौर से गुजर रहा है। हालांकि इस बार जनता से रायशुमारी कर तैयार किए बजट में इन समस्याओं को हल करने का प्रयास किया गया है।
20 मार्च से 26 मार्च तक गैरसैंण में ऐतिहासिक विधानसभा सत्र आहूत हुआ। बजट के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक पास हुए। गैरसैंण विधानसभा में पेश हुआ वर्ष 2018-19 का बजट पिछले वर्ष की तुलना से आकार में अधिक है। बजट मेंलगभग 45585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल का यह दूसरा बजट है। पिछलेवित्तीय वर्ष 2017-18 के मुकाबले ये 14.08 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2017-18 में त्रिवेंद्र सरकार ने 39957.20करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। कृषि, कौशल विकास, पलायन, शिक्षा जैसे मद में पिछली बार की तुलना मेंबजट बढ़ाया गया है। उत्तराखंड के लिहाज से बजट प्रगतिशील है। मध्य वर्ग के लिए राहत की बात ये है कि बजटमें कोई नया कर नहीं लगाया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कौशल विकास, नगर विकास पर बजट को फोकसकिया गया है। बजट में भाजपा ने अपने विज़न डॉक्युमेंट में रखी गई बातों को भी शामिल करने की कोशिश की है।वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने पर्यावरण मित्र की तर्ज पर पेपरलेस बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने कहा कि रोटी-कपड़ाऔर किसान से प्रेरणा लेकर ईज ऑफ डुइंग और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में बजट पर कार्य किया गया है।
वर्ष 2018-19 का अनुमानित बजट 45,202 करोड़ से अधिक का है। पिछले वर्ष के बजट से तुलना करें तो येकरीब 5,345 करोड़ रुपये अधिक आकार का बजट है। राज्य में जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व का नुकसान भीबढ़ा है। ऐसे में सरकार के लिए इस रकम को जुटाना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। आय और व्यय के अंतर केलिहाज से राजकोषीय घाटे की बात करें तो वर्ष 2016-17 में ये आंकड़ा 5466.95 करोड़ रुपये था। वर्ष 2017-18 का अनुमानित घाटा 5471.42 करोड़ रुपये था। जिसका रिवाइज्ड एस्टीमेट 5416.61 करोड़ था। वर्ष 2018-19 काअनुमानित राजकोषीय घाटा 6710.25 करोड़ रुपये है।
भाजपा का विज़न 2020
गैरसैंण में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि एक बार फिर बीजेपी सरकार का विज़न सामनेरखा। जिसके तहत वर्ष 2020 तक राज्य की सभी योजना में डीबीटी लागू करना, पाँच हजार होम स्टे का निर्माण,एक लाख युवाओं को स्किल्ड बनाना, 200 स्टार्टअप प्रारंभ करना, सभी 13 जनपदों में ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक वआईसीयू की स्थापना, संस्थागत प्रसव बढाकर 90 प्रतिशत तक लाना, प्रत्येक घर में बिजली, प्रत्येक परिवार को गैसईधन, राज्य के सभी नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा, एक लाख परिवारों को आवासीय सुविधा, सेवा क्षेत्र में एक लाखव्यक्तियों को रोजगार, 250 से अधिक आबादी के गाँवों में सड़क संयोजिता, एवं शत प्रतिशत साक्षरता जैसे मुद्देसम्मिलित हैं। राज्य सरकार राज्य में सेवा क्षेत्र में विस्तार के लिए नये-नये आयामों में कार्य कर रही है जिससे किसेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे एवं सेवा क्षेत्र के जीडीपी में योगदान में बढ़ोत्तरी होगी। इसके लिएराज्य सरकार शीघ्र ही सेवा क्षेत्र के लिए व्यापक नीति लेकर आएगी।
वर्ष 2018-19 के बजट में जिन क्षेत्रों में बजट के आकार में बढ़ोतरी की गई है, उनमें शहरी विकास सबसे आगे है।पिछले बजट में नगर विकास के लिए 350 करोड़ की व्यवस्था थी। जिसे अब बढ़ाकर 591 करोड़ किया गया है। इसतरह से नगर विकास का बजट 67 प्रतिशत बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पिछले वर्ष के मुकाबले 34प्रतिशत का इजाफा किया गया है। स्वास्थ्य के लिए 1871 करोड़ की व्यवस्था की गई है। शिक्षा के लिए बजट में
6787 करोड़ की व्यवस्था की गई है। यह राशि पिछले बजट के मुकाबले 16.72 प्रतिशत अधिक है। स्कूलों में सुधारऔर बुक बैंक बनाने जैसे कदम बजट में शामिल किए गए हैं। सुरक्षा के बजट को पिछले वर्ष के मुकाबले 13प्रतिशत बढ़ाकर 1564 करोड़ किया गया है। पेयजल के मद में पिछले वर्ष से 11 प्रतिशत का इजाफा करते हुए इसबार 844 करोड़ का बजट रखा गया है।
बजट की महत्वपूर्ण बातें
• राज्य सरकार को विभिन्न स्रोतों से 45202 करोड़ की प्राप्तियों और 382 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान
• बजट में 32 करोड़ 69 लाख रुपये के सरप्लस राजस्व का अनुमान
• राज्य की कुल प्राप्तियों में से कर्जों और ब्याज की अदायगी के लिए 8088 करोड़ से ज्यादा का प्रावधान
• कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर राज्य की कुल प्राप्तियों में से 12602 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
• विद्यालय शिक्षा विभाग के लिए 6741 करोड़ रुपए
• राज्य को ऑर्गेनिक और हर्बल स्टेट बनाने क लिए 1500 करोड़ रुपये
• कृषि के लिए 966.68 करोड़ रुपए
• औद्यानिकी के लिए 311.23 करोड़ रुपये
• प्रदेश के किसानों को ऋण के लिए ‘‘दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना’’ के तहत 30करोड़ की व्यवस्था
• राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 63.55 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था
• ड्रॉप मोर क्रॉप’ के तहत 20 करोड़, परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 83 करोड़ की व्यवस्थाकी गई है
• क्षेत्रीय सम्पर्क योजना उड़ान के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था
• मेट्रो रेल निर्माण के लिए कुल 86 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित
• गैरसैंण में अन्तर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए धनराशि कीव्यवस्था
• मध्याह्न भोजन योजना के अन्तर्गत कार्यरत भोजन माताओं को वर्दी उपलब्ध कराये के लिए 3 करोड़ कीधनराशि
• खेल एवं युवा कल्याण के लिए 79.38 करोड़ रुपये
• संस्कृत के मेधावी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए धनराशि प्रस्तावित
• आशा कार्यकत्रियों/एएनएम के लिए दुर्घटना बीमा योजना
• राज्य के सरकारी/सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगों के लिए सुगम्य उत्तराखण्ड अभियान के तहत धनराशिप्रस्तावित
• कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए ‘‘राष्ट्रीय क्रेच योजना’’ के तहत 3 करोड़ 70 रुपये
• मातृ एवं शिशु कुपोषण रोकने के लिए ‘‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’’ के तहत 10 करोड़ 25 लाख 42 हजाररुपये का प्रावधान
• नैनीताल झील के पुनर्जीवीकरण के लिए 5 करोड़ की व्यवस्था
• उत्तराखण्ड में उद्यमियों को निवेश हेतु आकर्षित करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय विनिवेश मेला
• आर्थिक गतिविधियों विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यमिता प्रोत्साहन एवं पलायन रोकने के साथ-साथ
• रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए ‘‘ग्रोथ सेंटर’’ की स्थापना में 15 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था
• एमएसएमई के तहत 30 करोड़ की व्यवस्था
• पर्यटन विभाग की योजना ‘‘होम स्टे’’ के लिए 15 करोड़ की व्यवस्था
बजट के लिए आने वाला रुपया
• सरकार का कर राजस्व -32.96 फीसदी
• लोक ऋण- 20.95 फीसदी
• केंद्रीय सरकार से सहायता अनुदान- 19.68 फीसदी
• केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा- 18.26 फीसदी
• करेत्तर राजस्व- 7.64 फीसदी
• लोक लेखा सुद्ध- 0.44 फीसदी
• ऋणों एवं अग्रिम की वसूली- 0.07 फीसदी
बजट में पहाड़ से मैदान तक, किसान से मजदूर तक,पर्यटन से लेकर पलायन रोकने तक, हर क्षेत्र का पूरा ख्याल रखा गया है। युवाओं को रोजगार देने, स्वरोजगार कोबढ़ावा देने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति हम गंभीर हैं। इसका स्पष्ट रोडमैप भी बजट में दिखताहै। जनता ने हमें 2000 से ज्यादा सुझाव बजटबनाने के लिए दिए। इन सुझावों में से अधिकतर सुझावों को बजट में शामिल किया गया है। जो सुझाव बजट मेंशामिल नहीं हो सके उन पर भविष्य में काम करने वाले हैं।
– त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट मेंनया कुछ भी नहीं है। इस बजट से बेरोजगारी व मंहगाई बढ़ने के साथ ही आम आदमी के सिर पर करों का बोझबढ़ेगा। बजट का आकार बढ़ाया गया है परंतु आय के स्रोत नहीं बताए गए हैं। कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग, एससीपी, एसटीपी, स्वास्थ्य, शिक्षा,सड़क, बिजली, पानी तथा पंचायतों के बजट में कुछ नहीं किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिएबजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया, बजट में पयर्टन, महिलाओं, नौजवानों के भविष्य की उपेक्षा की गई है।
– प्रीतम सिंह, उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष







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